MP News: राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को कैसे मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ, जानिए
MP News: मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और भंडार गृह निगम के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। मंगलवार को मंत्रालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय लिए गए।
इनमें चतुर्थ समयमान वेतनमान (Fourth Time Scale Pay), गृह भाड़ा भत्ता (HRA), और अनुग्रह राशि में वृद्धि जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही, भंडार गृहों की निगरानी के लिए तकनीकी नवाचार और उपार्जन में योगदान के लिए प्रोत्साहन राशि जैसे निर्णय भी लिए गए।

चतुर्थ समयमान वेतनमान और गृह भाड़ा भत्ता
निगम के कर्मचारियों को अब चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ मिलेगा, जो उनकी सेवा अवधि और प्रदर्शन के आधार पर वेतन वृद्धि सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही, गृह भाड़ा भत्ता भी राज्य सरकार द्वारा घोषित दरों के अनुसार प्रदान किया जाएगा। खाद्य मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, लेकिन इसके बदले कर्मचारियों को भी निगम के हित में बेहतर कार्य कर अपनी उपयोगिता सिद्ध करनी होगी। यह कदम कर्मचारियों के आर्थिक उत्थान के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा।
अनुग्रह राशि में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी
बैठक में कर्मचारियों के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब निगम के कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके परिवार को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को दोगुने से भी अधिक बढ़ाया गया है। वर्तमान में यह राशि 50 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अधिकतम 1 लाख 25 हजार रुपये कर दिया गया है। यह कदम कर्मचारी परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने में सहायक होगा।
सेवा पदोन्नति नियम-2025 का प्रावधान
निगम में कर्मचारियों के लिए सेवा पदोन्नति नियम-2025 लागू करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कर्मचारियों को उनकी योग्यता और सेवा के आधार पर समयबद्ध पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। यह प्रावधान निगम के कर्मचारियों के करियर विकास को गति देगा और उनके मनोबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भंडार गृहों की निगरानी के लिए नया ऐप
भंडार गृह निगम की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष ऐप विकसित करने का निर्णय लिया गया। इस ऐप के माध्यम से भंडारित अनाज की मात्रा, गुणवत्ता और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों को भंडार गृहों के निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरें ऐप पर अपलोड करनी होंगी। इसके साथ ही, जियो-टैगिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे भंडार गृहों की सटीक स्थिति और रखरखाव की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सकेगी। यह तकनीकी कदम निगम की निगरानी प्रणाली को आधुनिक और विश्वसनीय बनाएगा।
भंडार गृहों का रखरखाव और किराए की नीति
खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने निर्देश दिए कि आगामी धान उपार्जन सीजन से पहले सभी भंडार गृहों का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, शहरों के निकट स्थित उन भंडार गृहों को, जो खाली हैं, निजी कंपनियों को किराए पर देने की नीति बनाई जाए। यह कदम निगम की आय बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करेगा।
रिक्त पदों पर नियुक्ति और दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों की जांच
मंत्री श्री राजपूत ने रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों की जांच को गंभीरता से करने पर जोर दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। यह कदम निगम में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देगा।
उपार्जन में योगदान के लिए प्रोत्साहन राशि
निगम के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन के रूप में एक माह का मूल वेतन दिया जाएगा, जो धान उपार्जन कार्य में सक्रिय योगदान देंगे। वहीं, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की प्रक्रिया में देरी करने वाले महाप्रबंधकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्णय निगम के कार्यों में गति और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
खाद्य भवन निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
मंत्री राजपूत ने प्रमुख अभियंता को खाद्य भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने और समय-सीमा में इसे पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सतत निगरानी करने पर भी जोर दिया गया। यह भवन निगम के प्रशासनिक कार्यों को और सुचारू बनाने में सहायक होगा।
बैठक में उपस्थिति
बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी, प्रबंध निदेशक श्री अनुराग वर्मा और संचालक मंडल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
निगम की प्रगति की दिशा में कदम
इन निर्णयों से न केवल कर्मचारियों को आर्थिक और व्यावसायिक लाभ मिलेगा, बल्कि निगम की कार्यप्रणाली में भी तकनीकी और प्रशासनिक सुधार देखने को मिलेगा। भंडार गृहों की निगरानी के लिए ऐप और जियो-टैगिंग जैसे नवाचार खाद्य आपूर्ति प्रणाली को और पारदर्शी बनाएंगे, जबकि प्रोत्साहन राशि और पदोन्नति नियम कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाएंगे। यह मध्यप्रदेश सरकार की खाद्य सुरक्षा और नागरिक आपूर्ति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।












Click it and Unblock the Notifications