MP शिवपुरी में नकली डीएपी खाद का बड़ा घोटाला, 1200 बोरी बरामद, किसकी की सूचना पर प्रशासन की छापेमारी, जानिए
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में किसानों को ठगने वाला एक बड़ा नकली खाद घोटाला सामने आया है। शहर के सर्किल जेल के पास बड़ौदी क्षेत्र में गुरुवार (6 नवंबर 2025) शाम को प्रशासनिक टीम ने एक गोदाम पर छापा मारा, जहां से करीब 1200 बोरी नकली डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) खाद बरामद की गई। इस माल की अनुमानित कीमत 16 लाख 20 हजार रुपये बताई जा रही है।
जांच में पता चला कि कोलारस के दो युवक - दीपक अग्रवाल और विकास उर्फ मोनू कदम - ने एक महीने से गोदाम किराए पर लेकर नकली खाद तैयार कर बाजार में असली के दाम पर बेच रहे थे। बोरियां असली डीएपी की तरह पैक की गई थीं, लेकिन अंदर मिलावटी सामग्री भरी हुई थी।

भारतीय किसान संघ (BKS) की सूचना पर हुई इस कार्रवाई ने न केवल घोटाले का पर्दाफाश किया, बल्कि किसानों को सतर्क रहने का संदेश भी दिया। गोदाम सील कर दिया गया है, और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आइए, जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की पूरी दास्तां - सूचना से छापेमारी तक, नकली खाद का कारोबार और किसानों पर प्रभाव।
बड़ौदी क्षेत्र में छापेमारी: 1200 बोरी नकली डीएपी जब्त, 16 लाख का घोटाला
शिवपुरी शहर के सर्किल जेल के निकट बड़ौदी इलाके में स्थित एक गोदाम पर गुरुवार शाम करीब 5 बजे कृषि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने गोदाम के अंदर पहुंचते ही नकली खाद की 1200 बोरी बरामद कीं, जो असली डीएपी खाद की पैकेजिंग में भरी हुई थीं। प्रत्येक बोरी 50 किलो की बताई जा रही है, और बाजार मूल्य 1350 रुपये प्रति बोरी होने से कुल मूल्य 16 लाख 20 हजार रुपये आंका गया। गोदाम में मिलावटी सामग्री - सस्ती रासायनिक खाद, चूना और अन्य बेकार तत्व - से भरी बोरी तैयार की जा रही थीं, जो असली डीएपी (23% नाइट्रोजन, 46% फॉस्फेट) की नकल कर किसानों को बेची जा रही थीं।
कृषि उप संचालक पान सिंह करौरिया ने बताया, "यह कार्रवाई किसान संघ की सूचना पर आधारित थी। गोदाम में 1200 से अधिक बोरी तैयार थीं, जो बाजार में छोड़ दी जातीं तो हजारों किसानों की फसल बर्बाद हो जाती।" तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने कहा, "मिलावट इतनी बारीक थी कि सामान्य नजर से असली लगती। लेकिन लैब टेस्ट से साफ हो गया।" छापे के दौरान गोदाम चौकीदार देवेंद्र रावत को हिरासत में लिया गया, जो पूछताछ में मुख्य आरोपी दीपक अग्रवाल और विकास कदम के नाम उजागर हुए। दोनों कोलारस के रहने वाले हैं और फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है।
किसान संघ की सूचना: BKS अध्यक्ष ब्रजेश धाकड़ की तत्परता से भंडाफोड़
इस घोटाले का भंडाफोड़ भारतीय किसान संघ (BKS) की सक्रियता से हुआ। जिला अध्यक्ष ब्रजेश धाकड़ ने बताया, "हमें स्थानीय किसानों से शिकायत मिली कि बाजार में सस्ती डीएपी मिल रही है, लेकिन फसल पर असर नहीं हो रहा। जांच में बड़ौदी गोदाम का पता चला। हमने तुरंत कृषि विभाग को सूचना दी।" धाकड़ ने कहा, "रबी सीजन शुरू होने से पहले यह कार्रवाई जरूरी थी। नकली खाद से गेहूं-चना की फसल बर्बाद हो जाती।"
BKS ने हाल ही में 'कृषि जागरूकता अभियान' चलाया था, जिसमें किसानों को नकली खाद की पहचान सिखाई गई। धाकड़ ने अपील की, "किसान लाइसेंस चेक करें, और संदिग्ध सामग्री की सूचना दें।" इस कार्रवाई से BKS की भूमिका सराहनीय रही, और जिला प्रशासन ने उनका धन्यवाद किया।
नकली खाद का कारोबार: एक महीने से चल रहा धंधा, कोलारस के युवकों का खेल
जांच में सामने आया कि दीपक अग्रवाल (उम्र 28 वर्ष) और विकास उर्फ मोनू कदम (उम्र 26 वर्ष) ने गोदाम मालिक वीरेंद्र गुप्ता से किराए पर लेकर 1 अक्टूबर से नकली खाद का धंधा शुरू किया था। चौकीदार देवेंद्र रावत ने बताया, "दोनों रोज रात में आते, सस्ती सामग्री मिक्स कर बोरी भरते। असली डीएपी की पैकेजिंग चुराकर या नकली लेबल लगाते। बाजार में 1200 रुपये में बेचते, जबकि असली 1350 है।"
आरोपियों ने कोलारस के स्थानीय बाजारों और पड़ोसी जिलों (गुना, अशोकनगर) में सप्लाई की थी। अनुमान है कि एक महीने में 50 लाख का कारोबार हुआ। कृषि विभाग ने सैंपल लैब भेजे, जहां मिलावट की पुष्टि हुई। सहायक संचालक कृषि किरण रावत ने कहा, "मिलावट से फसल की उपज 30-40% घट सकती थी।"
गोदाम सील और कानूनी कार्रवाई: FIR दर्ज, आरोपी फरार - पुलिस की तलाश तेज
प्रशासन ने गोदाम को तुरंत सील कर पंचनामा तैयार किया। एसएडीओ संदीप रावत ने बताया, "वीरेंद्र गुप्ता से पूछताछ की, जो किराएदारों को जिम्मेदार ठहरा रहे।" कृषि उप संचालक पान सिंह करौरिया ने कहा, "कोतवाली थाने में धारा 420 (धोखाधड़ी), 273 (मिलावटी वस्तु बेचना) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज कराई जा रही है। दोनों आरोपी फरार हैं, लेकिन उनके मोबाइल लोकेशन ट्रैक हो रही।" पुलिस ने 24 घंटे में गिरफ्तारी का दावा किया।यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में चल रहे नकली खाद विरोधी अभियान का हिस्सा है, जहां 2025 में 50 से अधिक छापे हुए।
किसानों पर प्रभाव: फसल बर्बादी का खतरा, चेतावनी - लाइसेंस चेक करें
नकली डीएपी से किसानों को भारी नुकसान होता - फॉस्फोरस की कमी से जड़ें कमजोर, उपज घटती। शिवपुरी में 2 लाख हेक्टेयर रबी फसल प्रभावित हो सकती। अधिकारियों ने अपील की: "खाद-बीज लाइसेंसधारी दुकानों से खरीदें। संदिग्ध सामग्री की सूचना कृषि हेल्पलाइन (181) पर दें।" BKS ने जागरूकता कैंप लगाने का ऐलान किया।












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