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भोपाल में आबकारी विभाग का शराब विरोधी तूफान, 3.5 लाख कीमत का जखीरा बरामद, जानिए कैसे हुई कार्रवाई

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का 'अभियान' तेज हो गया है। शनिवार तड़के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के सख्त निर्देश पर विभाग की टीम ने कोलार वृत के ग्रामों-कजली खेड़ा, ढोली, मावडिया और गोंदीपुरा-में मुखबिर की सूचना पर धावा बोल दिया। इस छापेमारी में भारी मात्रा में 470 किलोग्राम महुआ लाहन (25 प्लास्टिक केनों में भरा) और 20 लीटर हाथभट्टी मदिरा बरामद हुई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 3.5 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा, बीडीए कॉलोनी आकृति से बैतूल की अवैध अंग्रेजी शराब की 6 बोतलें भी जब्त की गईं। विभाग ने ज्ञात-अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) और 34(1)(एफ) के तहत 7 प्रकरण दर्ज किए।

Excise department seizes liquor worth Rs 3 5 lakh find out how the action was taken

सहायक जिला आबकारी अधिकारी मनीष द्विवेदी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पूरा मैदानी अमला मौजूद रहा। यह घटना न केवल अवैध शराब के कारोबार को झटका देगी, बल्कि विभाग की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को मजबूत करेगी। आइए, इस बड़ी कार्यवाही की पूरी कहानी जानें-सूचना से लेकर बरामदगी, कानूनी प्रक्रिया और विभाग की रणनीति तक।

छापेमारी का 'सकंडल ऑपरेशन': मुखबिर की टिप से तड़के धावा, 470 किलो लाहन का जखीरा नष्ट

भोपाल का कोलार वृत-जो जिले का एक पिछड़ा लेकिन अवैध शराब उत्पादन का हॉटस्पॉट है-शनिवार तड़के 4 बजे आबकारी विभाग की टीम का निशाना बना। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के सख्त निर्देश पर नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया ने मुखबिर की गुप्त सूचना के आधार पर टीम गठित की। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन में प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मनीष द्विवेदी के नेतृत्व में मैदानी अमला-उपनिरीक्षक, कांस्टेबल और तकनीकी विशेषज्ञ-ने कजली खेड़ा, ढोली, मावडिया और गोंदीपुरा के जंगली और ग्रामीण इलाकों में दबिश दी।

छापे में सबसे बड़ा खुलासा कजली खेड़ा के एक जंगल क्षेत्र में हुआ, जहां 25 प्लास्टिक केनों में 470 किलोग्राम महुआ लाहन (कच्चा शराब का कच्चा माल) भरा मिला। यह लाहन महुआ फूलों से बनाया गया था, जो अवैध भट्टियों में कच्ची शराब में बदल जाता। ढोली और मावडिया में 20 लीटर हाथभट्टी मदिरा-घरेलू भट्टियों में बनी जहरीली शराब-बरामद हुई, जो बाजार में 3.5 लाख रुपये की बिकती। गोंदीपुरा में शराब बनाने की सामग्री (भट्टी के पुर्जे, यंत्र) भी जब्त की गई। टीम ने मौके पर ही लाहन और मदिरा नष्ट कर दी, ताकि यह बाजार में न पहुंचे।

मनीष द्विवेदी ने बताया, "सूचना मिलते ही हमने रात 2 बजे रवाना होकर तड़के दबिश दी। आरोपी भाग चुके थे, लेकिन उनका सामान छोड़ गए। यह कार्रवाई विभाग की 'शून्य सहिष्णुता' नीति का हिस्सा है।" द्विवेदी के नेतृत्व में पूरा अमला-8 उपनिरीक्षक, 12 कांस्टेबल और 2 तकनीकी स्टाफ-मौजूद था।

दूसरी कार्रवाई: बीडीए कॉलोनी से बैतूल की 6 बोतलें जब्त-अवैध तस्करी का पर्दाफाश

उसी दिन दोपहर में विभाग की एक और टीम ने बीडीए कॉलोनी आकृति क्षेत्र में दबिश दी। यहां से बैतूल जिले से तस्करी की गई 6 बोतलें अंग्रेजी शराब (करीब 750 ML प्रत्येक) बरामद हुईं। यह शराब अवैध रूप से भोपाल लाई गई थी, और बाजार मूल्य 10,000 रुपये से अधिक का अनुमान है। टीम ने तस्कर को फरार होते देख लिया, लेकिन बोतलें जब्त कर लीं। यह कार्रवाई अवैध तस्करी के नेटवर्क को झटका देगी।

कानूनी प्रक्रिया: 7 प्रकरण दर्ज, धारा 34(1)(क) और (एफ) के तहत सजा

विभाग ने ज्ञात-अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) (अवैध शराब निर्माण/भंडारण) और 34(1)(एफ) (महुआ लाहन रखना) के तहत 7 प्रकरण कायम किए। सहायक आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने कहा, "ये प्रकरण मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होंगे। सजा में 3-5 वर्ष की कैद और 50,000 जुर्माना हो सकता है।" जब्त सामग्री की कीमत 3.5 लाख रुपये बताई गई, जो विभाग के राजस्व को बचाएगी। धाकड़ ने जोर दिया, "हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।"

भोपाल का काला इतिहास: अवैध शराब से मौतों का सिलसिला, विभाग की चुनौतियां

भोपाल और आसपास के इलाकों में अवैध शराब का कारोबार पुराना दर्द है। 2023 में छतरपुर में कच्ची शराब से 6 मौतें हुईं, और 2024 में भोपाल के ही शाहपुरा में 2 लोग जहरीली शराब से मारे गए। NCRB के अनुसार, MP में अवैध शराब से जुड़े अपराध 25% बढ़े हैं। कोलार जैसे ग्रामीण इलाकों में महुआ लाहन से बनी हाथभट्टी शराब सस्ती लेकिन घातक है-मिथाइल अल्कोहल से अंधापन और मौत। विभाग ने 2025 में अब तक 50+ छापे मारे, 10 लाख लीटर से अधिक शराब नष्ट की। लेकिन चुनौतियां बरकरार: मुखबिरों की कमी, जंगल इलाकों में छिपाव, और राजस्व लक्ष्य (15,000 करोड़) का दबाव।

राजनीतिक रंग: कांग्रेस का हमला, BJP का बचाव-'शराबबंदी' की बहस छिड़ी

यह कार्रवाई राजनीतिक बहस का विषय बनी। कांग्रेस ने इसे 'दिखावा' कहा, जबकि BJP ने सराहा। पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा, "विभाग सतर्क है, लेकिन पूर्ण शराबबंदी जरूरी।" विपक्ष ने मांग की कि स्कूलों के पास दुकानें बंद हों।

आगे की राह: 'शून्य सहिष्णुता' का वादा, लेकिन सिस्टम सुधार की जरूरत

सहायक आयुक्त धाकड़ का दावा है कि कार्रवाइयां जारी रहेंगी। कलेक्टर सिंह ने विशेष अभियान का ऐलान किया। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है, "मुखबिर नेटवर्क मजबूत करें, ग्रामीणों को जागरूक करें।" यह छापेमारी अवैध कारोबार को झटका देगी, लेकिन सवाल वही-क्या पूर्ण निषेध संभव? भोपाल की सड़कें अब थोड़ी साफ सांस लेंगी।

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