किसान आंदोलन ने गांधी जी को जिंदा कर दिया, समूचे देशवासियों में लड़ने की अलख जगा दीः पूर्व CM दिग्विजय सिंह
भोपाल। केंद्र सरकार के 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के विरोध-प्रदर्शन को 14 दिन हो गए हैं। 'भारत बंद' के आवाह्न पर 8 दिसंबर को देशभर में चक्काजाम की कोशिश की गई। कई राज्यों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। इस आंदोलन को 20 सियासी दलों के अगुआ और 10 ट्रेड यूनियंस ने समर्थन दिया। इसका व्यापक असर पड़ता देख मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने अपने ट्विटर पर इस आंदोलन को सीधा गांधीजी से जोड़ा। कहा- 'इस किसान आंदोलन ने गांधी जी को ज़िंदा कर दिया।' दिग्विजय बोले, 'ऐसा लग रहा है मानो जैसे गांधी जी जाग गए हों इन किसानों की रगों में लहू बनकर। गांधी जी के सत्याग्रह को अपनाकर किसानों ने समूचे देशवासियों में अन्याय के खिलाफ लड़ने की अलख जगाई है।'

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, '24 राजनैतिक दलों का डेलीगेशन आज राष्ट्रपति से किसान विरोधी क़ानून को वापस लेने के लिए मिलने जा रहा है। मुझे महामहिम से कोई उम्मीद नहीं है। इन 24 राजनैतिक दलों को एनडीए में उन सभी दलों से भी चर्चा करना चाहिए जो किसानों के साथ हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मोदी जी पर दबाव डालना चाहिए।'' वहीं, दिग्विजय ने के भारत बंद का समर्थन करते हुए कहा कि, मोदी जी अपनी ज़िद छोड़ कर तीनों किसान विरोधी क़ानून वापस लीजिए। संसद की जॉइंट पॉर्लियामेंट्री कमेंटी गठित कर किसान संगठनों से चर्चा करें और उनके हित में क़ानून बनाएं।'

दिग्विजय बोले- ''किसान मेहनत कर हमारा पेट भरता है। इसीलिए उसे अन्नदाता कहते हैं। पहली बार हमसे समय माँग रहा है। क्या आप उनके लिए इतना भी नहीं कर पाएँगे, उनका सहयोग करें।' राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता मोहन भागवत का जिक्र करते हुए दिग्विजय बोले- 'भागवत जी आप कहॉं हैं? आपका भारतीय किसान संघ कहॉं है? भारत बंद में सहयोग करें।''













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