MP News: ठंड का असर बढ़ा, ग्वालियर, रीवा-चंबल संभाग में कोहरा, भोपाल में पड़ेगी कंपकपाने पानी वाली सर्दी
मध्य प्रदेश में ठंड का असर तेज हो गया है। बुधवार और गुरुवार की रात प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे गिर गया।
भोपाल में तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो पिछले 10 सालों में नवंबर महीने की तीसरी सबसे ठंडी रात रही। इससे पहले 2017 में 9.6 डिग्री और 2022 में 10.2 डिग्री तापमान पहुंचा था।

इंदौर और उज्जैन में भी इस बार सर्दी ने असर दिखाया। इंदौर का तापमान 13.9 डिग्री और उज्जैन का 11.5 डिग्री रहा, जो पिछले साल से कम था। पचमढ़ी में प्रदेश का सबसे कम तापमान 7.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो एक हिल स्टेशन होने के कारण अपेक्षाकृत ज्यादा ठंडा रहता है। अन्य प्रमुख शहरों में भी ठंड बढ़ी हुई है। मंडला में 9.1 डिग्री, उमरिया में 9.8 डिग्री, रीवा में 10.4 डिग्री, बालाघाट में 10.8 डिग्री, रायसेन में 11 डिग्री, और खजुराहो में 12 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
कोहरा और ठंडी हवाओं का असर
ग्वालियर, चंबल, और रीवा संभाग के जिलों में गुरुवार सुबह मध्यम कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में सुबह के समय कोहरे की स्थिति थी, जिससे विजिबिलिटी में कमी आई। भोपाल में भी सुबह के समय कोहरा था, और यहां दृश्यता 1 से 2 किलोमीटर तक रही। पिछले पांच दिनों से राजधानी भोपाल में यही मौसम बना हुआ है।
नवंबर में पिछले साल से ज्यादा ठंडी
इस बार नवंबर में भोपाल और प्रदेश के अन्य शहरों में सर्दी पिछले साल से ज्यादा है। भोपाल में नवंबर में रात का तापमान इस बार 12.8 डिग्री से भी नीचे चला गया, जबकि पिछले साल नवंबर में यह तापमान 12.8 डिग्री तक ही था। बुधवार रात भोपाल में 11 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो पिछले 10 सालों में नवंबर महीने की सातवीं सबसे ठंडी रात रही।

मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक इसी तरह ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण ठंड बनी रहेगी। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सर्दी और कोहरे का असर जारी रहेगा, जिससे तापमान और गिर सकता है।
मध्यप्रदेश में ठंड का असर बढ़ने की वजह
मध्यप्रदेश में इस समय ठंड का असर बढ़ता जा रहा है, और इसके पीछे कुछ अहम कारण हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हो रही बर्फबारी, पश्चिम-उत्तर भारत में चल रही जेट स्ट्रीम हवाएं और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर प्रदेश में महसूस किया जा रहा है। इन सभी कारणों से उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही हैं, जिनकी वजह से तापमान में गिरावट आई है। आने वाले दिनों में पारे में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
इस समय न केवल रात का तापमान, बल्कि दिन में भी ठंड का असर देखा जा रहा है। मध्यप्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे है।
पचमढ़ी में सर्दी का असर सबसे ज्यादा
पचमढ़ी, जो प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है, यहां की रातें इस नवंबर में सबसे सर्द रही हैं। पिछले छह रातों से यहां तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा है। मंगलवार और बुधवार की रात पचमढ़ी में पारा 7.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बुधवार को दिन में तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस प्रकार, पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है, जहां दिन और रात दोनों ही सर्दी महसूस हो रही है।
अन्य प्रमुख शहरों का दिन का तापमान
पचमढ़ी के अलावा प्रदेश के कुछ अन्य प्रमुख शहरों में भी ठंड का असर देखने को मिला। बालाघाट में दिन का तापमान 24 डिग्री, रायसेन में 25 डिग्री, बैतूल में 26.5 डिग्री, और सिवनी में 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में, जैसे भोपाल में 27.1 डिग्री, ग्वालियर में 26.4 डिग्री, इंदौर में 27.8 डिग्री, उज्जैन में 27.7 डिग्री और जबलपुर में 27.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने का अनुमान
मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि ठंडी हवाओं और कोहरे के असर के चलते आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है। रात और दिन दोनों ही समय ठंड का असर बढ़ने की संभावना है, खासकर मध्यप्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में।












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