“अब यह लौटकर नहीं आना चाहिए.. दतिया में पत्नी बनी मास्टरमाइंड, प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश
Datia Sindh Pul Hatyakand: दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में मिली एक अज्ञात युवक की लाश ने जिस सनसनी को जन्म दिया था, उसका सच अब सामने आ चुका है-और यह सच रिश्तों की नींव तक को हिला देने वाला है। 6 फरवरी को जब हाईवे किनारे करीब 35 वर्षीय युवक का शव मिला, तो पुलिस को शुरुआत से ही हत्या का शक था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई, लेकिन पहचान न होने के कारण मामला अंधे कत्ल की तरह उलझ गया। नियमानुसार शव को दफना दिया गया, लेकिन दो दिन बाद 8 फरवरी को जब झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में उसकी पहचान हुई, तब इस केस ने नई दिशा पकड़ ली।

कैसे हुआ मामले का खुलासा
परिजनों के बयान, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस को ऐसी कहानी तक पहुंचाया, जहां से एक खौफनाक साजिश की पटकथा लिखी गई थी-और उस पटकथा की मास्टरमाइंड खुद मृतक की पत्नी निकली।
जांच में सामने आया कि हंसराज की पत्नी बबीता वर्मा और उसके ताऊ के बेटे हेमंत आर्य के बीच लंबे समय से फोन पर बातचीत हो रही थी। पुराने ऑयल के कारोबार से जुड़े लेन-देन पत्नी के फोनपे खाते से होते थे, और इसी बहाने शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।
बबीता ने अपने प्रेमी को किया फोन
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 4 फरवरी को जब हंसराज ग्वालियर के लिए निकला, उसी दिन बबीता ने अपने प्रेमी को फोन कर कहा-"अब यह लौटकर नहीं आना चाहिए... यह तुम्हारा काम है।" यह कथित संवाद ही हत्या की साजिश का टर्निंग पॉइंट बना। अगले दिन 5 फरवरी को हेमंत और उसके साथी अनिल खटीक ने हंसराज को शराब पिलाई, बाइक से छोड़ने का झांसा दिया और गोराघाट पुल के पास सुनसान झाड़ियों में ले जाकर मफलर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया ताकि मामला हादसा लगे या अनसुलझा रह जाए।
कथित साजिश भी उजागर
लेकिन तकनीक ने सच छुपने नहीं दिया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, रेलवे टिकट और गवाहों के बयान एक-एक कर कड़ियां जोड़ते गए। हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार बातचीत के सबूत सामने आए। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने बबीता वर्मा (32), हेमंत आर्य (33) और अनिल खटीक (35) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पूछताछ में बबीता ने बताया कि उसकी शादी को 16 साल हो चुके थे और उसके दो बच्चे हैं। उसने पति पर शराब और मारपीट के आरोप लगाए, लेकिन इसी बयान के बीच उसका प्रेम संबंध और कथित साजिश भी उजागर हो गई।
यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि टूटते भरोसे और बदलते रिश्तों की खतरनाक तस्वीर भी पेश करता है। एक परिवार उजड़ गया, दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और एक पत्नी अब हत्या की आरोपी है। सवाल यह भी है कि अगर रिश्ते में तनाव था, तो क्या कानून और सामाजिक सहारे का रास्ता नहीं चुना जा सकता था? दतिया का यह हत्याकांड फिलहाल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और पुलिस अब चार्जशीट की तैयारी में जुटी है। लेकिन इस कहानी ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जब संवाद की जगह साजिश ले लेती है, तो अंजाम सिर्फ और सिर्फ विनाश होता है।












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