Phool Singh baraiya: विवादित बयान पर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया की सफाई, बोले– मैं इस सोच से सहमत नहीं
Phool Singh Baraiya: मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक कथित बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
महिलाओं और बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर दिए गए बयान को लेकर न केवल विपक्ष ने कांग्रेस पर हमला बोला, बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी को भी सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी। बढ़ते विवाद के बीच विधायक फूल सिंह बरैया ने सामने आकर अपना पक्ष रखा और स्पष्ट किया कि वे स्वयं इस बयान से सहमत नहीं हैं।

कांग्रेस ने बनाई दूरी, मांगा स्पष्टीकरण
विवाद गहराने के बाद कांग्रेस पार्टी ने साफ तौर पर विधायक के बयान से दूरी बना ली। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के सम्मान और बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को लेकर पार्टी का रुख बेहद सख्त और स्पष्ट है। कांग्रेस ने कहा कि विधायक का बयान पार्टी की आधिकारिक सोच नहीं है, बल्कि इसे उनकी व्यक्तिगत राय माना जा रहा है।
पार्टी की ओर से विधायक फूल सिंह बरैया से इस पूरे मामले पर लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया, जिसे उन्होंने समय रहते प्रदेश नेतृत्व को सौंप दिया है।
विधायक फूल सिंह बरैया की सफाई
अपने ऊपर लगे आरोपों और वायरल बयान को लेकर विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि उनके नाम से जो बयान सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है, वह उनका नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कथन बिहार के प्रसिद्ध दार्शनिक और दर्शनशास्त्र के पूर्व एचओडी रहे हरिमोहन झा का है।
बरैया ने बताया कि उन्होंने किसी चर्चा या संदर्भ के दौरान हरिमोहन झा के कथन को कोट किया था, लेकिन इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि वे उस विचार से सहमत हैं। उन्होंने दो टूक कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से ऐसे किसी बयान या सोच का समर्थन नहीं करता, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ हो या किसी भी तरह से अपराध को正 ठहराने की कोशिश करे।"
जीतू पटवारी का कड़ा बयान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि बलात्कार करने वाले अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता, वह केवल अपराधी होता है और उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पटवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फूल सिंह बरैया का बयान कांग्रेस की आधिकारिक लाइन नहीं है और पार्टी इससे सहमत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक से स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसे पार्टी को प्राप्त हो चुका है और उस पर संगठन स्तर पर विचार किया जा रहा है।
क्या था विवादित बयान
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक इंटरव्यू में विधायक फूल सिंह बरैया के हवाले से कहा गया था कि देश में सबसे ज्यादा बलात्कार के मामले SC-ST और OBC वर्ग से जुड़े लोगों में होते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि किसी सुंदर महिला को देखकर व्यक्ति का दिमाग विचलित हो सकता है, जिससे बलात्कार जैसी घटनाएं होती हैं।
इतना ही नहीं, बलात्कार को धर्मग्रंथों से जोड़ने जैसी टिप्पणी भी सामने आई, जिसने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया। इसी बयान के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी बहस शुरू हो गई।
विपक्ष का हमला और सियासी घमासान
विवाद सामने आते ही भाजपा समेत अन्य दलों ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए। वहीं कांग्रेस ने इसे विपक्ष द्वारा मुद्दे को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश बताया और दोहराया कि पार्टी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।
फूल सिंह बरैया के बयान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद फिलहाल उनके स्पष्टीकरण और कांग्रेस की दूरी बनाने के बाद कुछ हद तक शांत जरूर हुआ है, लेकिन सियासी असर अभी भी बना हुआ है। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि महिलाओं और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों पर पार्टी की सोच स्पष्ट है और किसी भी आपत्तिजनक बयान को संगठन की सहमति नहीं माना जाएगा। वहीं विधायक बरैया ने भी दोहराया है कि वे स्वयं ऐसे किसी बयान से सहमत नहीं हैं और उनके शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications