MP News: अब क्या होगा विश्वास सारंग का, कांग्रेस के जीतू पटवारी ने उड़ाई भाजपा के मंत्री की नींद
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नर्सिंग घोटाले को लेकर एक बार फिर प्रदेश सरकार और मंत्री विश्वास सारंग पर हमला बोला है। पटवारी ने सारंग को नर्सिंग घोटाले का मास्टरमाइंड बताते हुए आरोप लगाया कि इस मामले में उच्च स्तरीय घोटाला हुआ है, और वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मिलकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

पटवारी ने कहा कि अगर इस घोटाले में सारंग की संलिप्तता नहीं होती, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए था। यदि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, तो मुख्यमंत्री मोहन यादव को उन्हें इस्तीफा लेने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मामले को छोड़ने वाली नहीं है और यदि आवश्यक हुआ तो एफआईआर कराने के लिए वह कोर्ट का रुख करेंगे।
कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पटवारी ने कहा:
कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने छतरपुर में एक छात्र द्वारा प्राचार्य की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना के बाद मुख्यमंत्री को अफसरों के साथ बैठक कर प्रदेशवासियों को एक स्पष्ट संदेश देना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय मुख्यमंत्री मोहन यादव बिलियर्ड्स खेल रहे थे। पटवारी ने यह आरोप लगाया कि कानून व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी है कि राज्य सरकार को अब चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।

दलितों पर अत्याचार के मामलों पर भी सवाल उठाए:
पटवारी ने दलितों पर अत्याचार के मामलों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा और अत्याचार के मामलों की एक लंबी सूची पेश की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मंदसौर, राजगढ़, शिवपुरी और अन्य स्थानों पर दलितों के खिलाफ हिंसा और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन इन घटनाओं को नज़रअंदाज कर रहा है। पटवारी ने एनसीआरबी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में दलितों पर अत्याचार के 24,000 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य में दलितों के अधिकारों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है।
उन्होंने मंदसौर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 5 गाड़ियों में 25 लोग दलित युवक को पीटने के लिए आए थे और उसे हत्या कर दिया गया, लेकिन पुलिस ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने राजगढ़ में एक दलित युवक की हत्या का भी उदाहरण दिया, जहां 25 दबंगों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला था, और फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पटवारी ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से साफ होता है कि सरकार दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों को रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।
कांग्रेस का तेवर:
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी दलितों और शोषित वर्ग के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को लेकर शांत नहीं बैठने वाली है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी।
इस पूरी स्थिति पर कांग्रेस का रुख साफ है - चाहे वह नर्सिंग घोटाला हो या दलितों पर अत्याचार, पार्टी इन मुद्दों को उठाकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए तैयार है। पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक इन मामलों में उचित कार्रवाई नहीं होती, वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे।












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