Bhopal News: मध्य प्रदेश में महिला शोषण के खिलाफ कांग्रेस का कैंडल मार्च, बेटियों की सुरक्षा की मांग
मध्य प्रदेश में बढ़ती यौन शोषण की घटनाओं, खासकर बच्चियों के खिलाफ अपराधों के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार शाम कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च 6 नंबर स्टॉप से 7 नंबर बस स्टॉप तक आयोजित किया गया, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में मोमबत्तियां लेकर चल रहे थे। इस मार्च का उद्देश्य न केवल इन घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, बल्कि सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग करना भी था।
कैंडल मार्च में मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी और भोपाल मध्य के विधायक आरिफ मसूद जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए।

पटवारी ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा, "मध्य प्रदेश में हर दिन 18 बेटियों के साथ बलात्कार होता है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन घटनाओं का विरोध करें और सुरक्षा की मांग करें। जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तब छतरपुर में एक व्यक्ति ने एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मार दी, जिनमें से एक वो बेटी भी थी, जिसने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी। यही तो जंगलराज है।"

दूसरी ओर, भोपाल में एनएसयूआई ने बच्चियों से रेप और हाल ही में पकड़ी गई 1814 करोड़ रुपए की MD ड्रग्स के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को चूड़ियां भेंट करने का प्रयास किया। रेडक्रॉस हॉस्पिटल के सामने बैरिकेडिंग कर पुलिस ने उन्हें रोका, जिसके बाद एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे को हिरासत में ले लिया गया। इस घटना ने यह दर्शाया कि युवा संगठन भी यौन अपराधों और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए सक्रिय हैं।
इन घटनाओं ने समाज में बढ़ती असुरक्षा और कानून व्यवस्था के मुद्दों को उजागर किया है। कांग्रेस और एनएसयूआई दोनों ही संगठनों ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकार को इन गंभीर मुद्दों का समाधान करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीति और कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि वे सुरक्षित महसूस कर सकें।

इस प्रकार के विरोध प्रदर्शनों ने न केवल राजनीतिक पार्टियों को एकजुट किया है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी काम किया है। सभी वर्गों को मिलकर इस दिशा में कार्य करना होगा, ताकि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें एक सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके।

बेटियों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस की कड़ी आलोचना: पटवारी का बयान
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कैंडल मार्च के दौरान सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, "सरकार के पास बेटियों की सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं। महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता नहीं है। उनकी प्राथमिकता सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना और माफिया को संरक्षण देना है।" पटवारी ने इस मुद्दे पर सरकार की उदासीनता को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
पटवारी ने यह भी बताया कि "यदि 100 पुलिस अधिकारियों की आवश्यकता है, तो सरकार के पास केवल 50 अधिकारी ही हैं।" उनका मानना है कि पिछले 20 वर्षों में सरकार ने अराजकता का माहौल पैदा किया है, जिससे समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि बेटियों के प्रति अत्याचार रोकने के लिए सरकार को गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
इस कैंडल मार्च में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अन्य कई कार्यक्रम भी प्रस्तावित किए गए हैं। पटवारी ने घोषणा की कि "आज महिला कांग्रेस के नेतृत्व में पूरे मध्यप्रदेश में कैंडल मार्च निकाले गए हैं। दो दिन बाद हम प्रदेश भर में उपवास करेंगे, बेटियों के पग पूजन करेंगे और उनकी रक्षा के लिए दुआ करेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "यदि इसके बाद भी महिलाओं पर अत्याचार जारी रहे, तो हम प्रदेश के लोगों से आह्वान करेंगे कि एक दिन मध्यप्रदेश बंद करें। यह समय है कि हम एकजुट होकर बेटियों के सम्मान के लिए खड़े हों।"
कांग्रेस की यह पहल न केवल राजनीतिक बयानबाजी है, बल्कि यह समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाती है। इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि बेटियों को सुरक्षित और सम्मानित जीवन जीने का अवसर मिल सके।












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