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पचमढ़ी में आज से कांग्रेस का महामंथन शुरू: जीतू पटवारी बोले- नए जिलाध्यक्षों को दी जाएगी ट्रेनिंग, जानिए कैसे

मध्य प्रदेश की राजनीति में आज एक नया अध्याय लिखने की तैयारी हो रही है। कांग्रेस पार्टी ने अपनी संगठनात्मक मजबूती को लेकर पचमढ़ी में महामंथन शिविर का आगाज किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह शिविर न केवल नए जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देने का मंच बनेगा, बल्कि पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

पटवारी ने बीजेपी सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए शराब नीति, कर्ज का बोझ, कानून-व्यवस्था की बर्बादी और बाबा साहब अंबेडकर के विचारों पर हमले जैसे मुद्दों को उठाया। आइए, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी तस्वीर को विस्तार से समझते हैं।

Congress brainstorming session begins in Pachmarhi today Jitu Patwari said training will be given

पचमढ़ी शिविर: कांग्रेस का 'महामंथन' और ट्रेनिंग का खाका

पचमढ़ी, मध्य प्रदेश का एक खूबसूरत हिल स्टेशन, आज से कांग्रेस के लिए संगठनात्मक क्रांति का केंद्र बन गया है। जीतू पटवारी ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर 2 नवंबर 2025 (रविवार) से शुरू हो रहा है और इसमें नए नियुक्त जिलाध्यक्षों पर खास फोकस रहेगा। "संगठन सृजन अभियान के बाद यह शिविर जिला स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा," पटवारी ने कहा।

शिविर में क्या-क्या होगा? पटवारी ने विस्तार से बताया:

पार्टी की रीति-नीति और विचारधारा पर ट्रेनिंग: नए जिलाध्यक्षों को कांग्रेस की मूल विचारधारा, सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और गांधी-नेहरू-अंबेडकर के सिद्धांतों पर गहन चर्चा और प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिला स्तर पर नेता इन मूल्यों को ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें।

संगठनात्मक ढांचे की मजबूती: पार्टी के आंतरिक ढांचे, सदस्यता अभियान, युवा और महिला विंग को सक्रिय करने की रणनीतियां सिखाई जाएंगी। इसमें डिजिटल टूल्स का उपयोग, सोशल मीडिया कैंपेन और ग्रासरूट लेवल पर वॉलंटियर मैनेजमेंट शामिल है।

SIR (सोशल इश्यूज रेजोल्यूशन) पर चर्चा: पटवारी ने 'SIR' का जिक्र किया, जो संभवतः सोशल इश्यूज रेजोल्यूशन का संक्षिप्त रूप है। इसमें शराब-नशा, किसान यातनाएं, ओबीसी आरक्षण और बेरोजगारी जैसे सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत बहस होगी। नेताओं को सड़क से सदन तक इन मुद्दों को उठाने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा: शिविर तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें सुबह व्यायाम और ध्यान सत्र, दोपहर में वर्कशॉप और शाम को ग्रुप डिस्कशन शामिल हैं। प्रमुख वक्ता पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता होंगे। पटवारी ने कहा, "यह महामंथन नहीं, बल्कि कांग्रेस का पुनर्जन्म है। हम 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं।"

पटवारी ने जोर देकर कहा कि यह ट्रेनिंग केवल थ्योरी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल होगी। उदाहरण के लिए, जिलाध्यक्षों को रोल-प्ले सेशन में विपक्षी हमलों का जवाब देना सिखाया जाएगा। "हमारे कार्यकर्ता सशक्त होंगे, ताकि बीजेपी की गलत नीतियों का पर्दाफाश सड़कों पर हो सके," उन्होंने कहा।

शराब और नशे पर चिंता: युवाओं को बर्बाद कर रही बीजेपी सरकार?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने सबसे पहले शराब और नशे के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, "शराब और नशे से युवा पीढ़ी को बचाना हमारी प्राथमिकता है। लेकिन बीजेपी सरकार शराब से 17 हजार करोड़ का राजस्व लक्ष्य रखकर युवाओं को बर्बाद कर रही है। घर-घर शराब पहुंचाने का काम हो रहा है, जो नैतिक पतन का प्रतीक है।"

पटवारी ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में शराब की बिक्री में पिछले पांच वर्षों में 40% की वृद्धि हुई है, जबकि युवा बेरोजगारी दर 25% से ऊपर पहुंच चुकी है। "यह सरकार नशे को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था चला रही है, जो शर्मनाक है। कांग्रेस सत्ता में आने पर शराब नीति पर पाबंदी लगाएगी और युवाओं के लिए रोजगार अभियान चलाएगी," उन्होंने वादा किया। यह बयान न केवल युवा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह जगाएगा, बल्कि विपक्ष के लिए एक बड़ा हथियार भी बनेगा।

बीजेपी सरकार पर तीखा हमला: कर्ज, कमीशनखोरी और कानून-व्यवस्था की पोल खोली

पटवारी ने मुख्यमंत्री के '25 साल के विजन' वाले बयान पर कटाक्ष किया। "मध्य प्रदेश आज 5 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा है। कानून-व्यवस्था शून्य है। बीजेपी के सांसद और विधायक जनता से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। सतना में बीजेपी सांसद गणेश सिंह ने आम जनता को थप्पड़ मार दिया - यही उनकी संस्कृति है।"

उन्होंने आगे बीजेपी को '50% कमीशन की सरकार' करार दिया। "किसानों को यातनाएं दी जा रही हैं। ओबीसी आरक्षण रोका गया है। 27 विभागों के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा। वहीं, मुख्यमंत्री 200 करोड़ का हवाई जहाज खरीद रहे हैं और रोज 25 लाख रुपये उस पर खर्च कर रहे हैं। यह जनता का पैसा कहां जा रहा है?" पटवारी ने सवाल दागा।

इस हमले से साफ है कि कांग्रेस आगामी चुनावों में आर्थिक और प्रशासनिक विफलताओं को बड़ा मुद्दा बनाएगी। पटवारी ने कहा, "बीजेपी की सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। हम जनता को जगाएंगे।"

बाबा साहब अंबेडकर के विचारों पर प्रहार: बीजेपी का 'अवहेलना अभियान'

एक संवेदनशील मुद्दे पर पटवारी ने बीजेपी पर सीधा आरोप लगाया। "बीजेपी बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को खत्म करना चाहती है। उनके समर्थक उनकी अवहेलना करते हैं और पार्टी उनका समर्थन करती है। हाई कोर्ट परिसर में बाबा साहब की मूर्ति नहीं लगने के पीछे बीजेपी सरकार का हाथ है।"

यह बयान दलित और पिछड़े वर्ग के वोट बैंक को लक्षित करता नजर आता है। पटवारी ने याद दिलाया कि कांग्रेस ही अंबेडकर के विचारों की सच्ची वारिस है। "हम संविधान की रक्षा करेंगे, जबकि बीजेपी इसे कमजोर करने पर तुली है," उन्होंने कहा। यह मुद्दा पचमढ़ी शिविर में भी प्रमुखता से चर्चा का विषय बनेगा।

कांग्रेस के 55 साल की सरकार की तुलना: 'न कमीशनखोरी, न दुर्व्यवहार'

पटवारी ने बीजेपी की आलोचना के साथ कांग्रेस के सुनहरे दौर की याद दिलाई। "कांग्रेस की 55 साल की सरकार में न 50% कमीशनखोरी थी, न हमारे नेता जनता को मारते थे, न घर-घर शराब पहुंचाई गई, न किसानों को इतनी यातनाएं दी गईं। हमने समावेशी विकास किया, न कि केवल राजस्व का लक्ष्य हासिल किया।"

यह तुलना पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास है। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। "आने वाले दिनों में संगठन को और मजबूत कर जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक उठाएंगे।"

कांग्रेस का नया संकल्प, बीजेपी के लिए चुनौती

जीतू पटवारी की यह प्रेस वार्ता न केवल पचमढ़ी शिविर का शुभारंभ है, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की वापसी का संकेत भी। ट्रेनिंग से मजबूत संगठन, तीखे हमलों से कमजोर विपक्ष - यह रणनीति 2028 चुनावों की नींव रख रही है। पटवारी ने अंत में कहा, "पचमढ़ी से निकलने वाली लहर पूरे प्रदेश को झकझोर देगी। जनता कांग्रेस को ही अपना भविष्य मानती है।"

कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित हैं, जबकि बीजेपी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन साफ है कि राजनीतिक तापमान बढ़ने वाला है। क्या यह महामंथन कांग्रेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा? समय ही बताएगा।

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