MP News: सीएम राइज' स्कूलों का नाम हुआ बदलकर 'महर्षि सांदीपनि विद्यालय- CM मोहन यादव
मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में एक नया मोड़ आया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राज्य के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलने का ऐलान किया है। अब ये स्कूल 'महर्षि सांदीपनि विद्यालय' के नाम से जाने जाएंगे।
यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है और राज्य की शिक्षा नीति में एक नई दिशा को खोलता है।

नाम बदलने की वजह: महर्षि सांदीपनि की महिमा को सम्मान
यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान लिया। मुख्यमंत्री ने कहा, "सीएम राइज स्कूल का नाम ऐसा लगता था, जैसे यह अंग्रेजों के समय का हो। इसे बदलकर सांदीपनि ऋषि के नाम पर रखा गया है, जो हमारे भारतीय संस्कृति और शिक्षा के प्रतीक हैं।"
महर्षि सांदीपनि का नाम भारतीय शिक्षा और संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। वे भगवान श्री कृष्ण के गुरु थे और उनके आश्रम में महान विद्वान व संतों ने शिक्षा प्राप्त की थी। इस नामकरण से सरकार ने शिक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान दिखाने का प्रयास किया है।
सीएम राइज स्कूल योजना: शिवराज के निर्णय को पलटते हुए नई दिशा
सीएम राइज स्कूलों की शुरुआत जुलाई 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी। उन्होंने शाजापुर जिले के गुलाना में मध्य प्रदेश के पहले सीएम राइज स्कूल का उद्घाटन किया था। इस योजना के तहत, राज्य सरकार ने 9,000 नए स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा था। इस कदम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करना था।
लेकिन, अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना का नाम बदलकर महर्षि सांदीपनि के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। यह केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक नया दृष्टिकोण और शिक्षा के प्रति नई सोच को भी दर्शाता है। डॉ. यादव ने पूर्व सीएम शिवराज के कई फैसलों को पलटते हुए, प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। इससे पहले वे मध्य प्रदेश गान को बंद करने, बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने और राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) को बहाल करने जैसे फैसले भी ले चुके थे।
'स्कूल चलें हम अभियान - 2025' की शुरुआत
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'स्कूल चलें हम अभियान - 2025' की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा, "शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि प्रदेश के हर बच्चे को शिक्षा मिले, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में हो।" मुख्यमंत्री का यह संदेश साफ करता है कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई भी बच्चा पीछे न रहे, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
डॉ यादव ने यह भी कहा, "सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी किसी से कमतर नहीं है। सरकारी स्कूलों में पढ़कर कई महान व्यक्तियों ने विश्वभर में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और कड़ी मेहनत के माध्यम से सफलता प्राप्त की है। यही प्रेरणा हमें बच्चों को देनी चाहिए।"
मध्य प्रदेश में बढ़ते सीएम राइज स्कूल
सीएम राइज स्कूल योजना के तहत, अब तक मध्य प्रदेश में 275 स्कूल खुल चुके हैं, जिनमें करीब 2.5 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। राजधानी भोपाल में 6 सीएम राइज स्कूल हैं, जहां शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कई नई पहल की जा रही हैं। यह कदम राज्य सरकार के शिक्षा सुधारों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे भविष्य में और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
एक नई सोच और दिशा
मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव सिर्फ एक नामकरण का मामला नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की उस नई सोच का प्रतीक है जो शिक्षा को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की दिशा में बढ़ रही है। महर्षि सांदीपनि का नाम बदलकर यह साबित किया गया है कि राज्य सरकार केवल शिक्षा के स्तर को सुधारने पर ही नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय ज्ञान और संस्कृति से भी जोड़ने का प्रयास कर रही है। अब प्रदेशभर के बच्चे 'महर्षि सांदीपनि विद्यालय' में शिक्षा प्राप्त करेंगे, जो उन्हें एक नई दिशा और प्रेरणा प्रदान करेगा।












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