CM मोहन यादव ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों से की महत्वपूर्ण बैठक, गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ लंबी और सार्थक चर्चा की। बैठक में किसानों की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से बात हुई और राज्य सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गेहूं खरीदी पर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल के ऊपर राज्य सरकार इस वर्ष गेहूं खरीदी पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस प्रदान करेगी। इससे किसानों को प्रति क्विंटल कुल 2625 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बोनस किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने के लिए दिया जा रहा है।
पंजीयन की तिथि बढ़ाई गई
मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने का भी ऐलान किया। पहले पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 मार्च 2026 कर दिया गया है। इससे उन किसानों को भी लाभ मिल सकेगा जो अभी तक पंजीयन नहीं कर पाए थे। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे जल्द से जल्द पंजीयन करा लें ताकि खरीदी के समय कोई समस्या न आए।
उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
बैठक में दलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उड़द खरीदी पर राज्य सरकार 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देगी। उन्होंने कहा कि किसान उड़द लगाएं, ताकि उन्हें इस बोनस का पूरा लाभ मिले और अगली फसल की तैयारी भी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि दलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने से किसानों की आय बढ़ेगी और देश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी।
सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने का ऐलान
किसानों की एक प्रमुख समस्या सिंचाई के दौरान रात में बिजली मिलना रहा है। रात में बिजली से सिंचाई करने में कई संकट आते हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली प्रदान की जाएगी। इससे किसान सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से सिंचाई कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला किसानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
बैठक का महत्व और किसानों की प्रतिक्रिया
यह बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई और इसमें भारतीय किसान संघ के प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में किसानों ने बिजली बिलों, सिंचाई, फसल बीमा, MSP पर खरीद और अन्य मुद्दों पर अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया और तत्काल निर्णय लिए।
किसान संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक के बाद खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों की बात सुनी और तुरंत राहत देने वाले फैसले लिए। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष ने कहा कि यह बैठक किसान कल्याण वर्ष की सार्थक शुरुआत है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक के बाद कहा कि "राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। हमारी प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। आज के फैसले इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।"
यह बैठक किसान कल्याण वर्ष की दिशा में एक मजबूत संदेश है। किसानों के खातों में बोनस और अन्य सहायता जल्द ट्रांसफर होने की उम्मीद है।












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