MP News: मुरैना में दो पक्षों के बीच झड़प, पथराव-लाठीचार्ज और तोड़फोड़, कृषि मंत्री के मीडिया प्रभारी पर आरोप
MP News: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। देवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम अर्जुनपुरा में खेत की मेड़ पर तार फेंसिंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते-ही-देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया।
दो पक्षों के बीच पहले पथराव हुआ, फिर लाठी-डंडे चले और अंततः एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान दंपति को बेरहमी से पीटा गया और घर के बाहर खड़े वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

खेत की फेंसिंग से शुरू हुआ विवाद
ग्राम अर्जुनपुरा निवासी अशोक सिकरवार अपने खेत में आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए तार फेंसिंग करवा रहे थे। इसी बात को लेकर गांव के ही प्रताप गुर्जर, बबलू गुर्जर और धीरज गुर्जर ने आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि पिछले करीब एक सप्ताह से इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था। अशोक सिकरवार का आरोप है कि उन्होंने इस दौरान थाना देवगढ़ में शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और समझौते की सलाह देकर लौटा दिया गया।
सुबह पथराव, शाम को घर पर हमला
रविवार सुबह 22 दिसंबर को विवाद ने उग्र रूप ले लिया। गुर्जर पक्ष ने कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में सिकरवार पक्ष की ओर से भी पत्थर फेंके गए। कुछ देर बाद गांव के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। लेकिन शाम होते-होते हालात फिर बिगड़ गए। आरोप है कि धीरज गुर्जर ने अपने 25-30 साथियों को इकट्ठा किया और लाठियों से लैस होकर अशोक सिकरवार के घर पर हमला बोल दिया।
दंपति से मारपीट, परिवार ने कमरे में बंद होकर बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित पक्ष के अनुसार, हमलावरों ने घर में घुसकर अशोक सिकरवार और उनकी पत्नी गुड्डी सिकरवार की बेरहमी से पिटाई की। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। घर में मौजूद अन्य परिजनों ने खुद को कमरों में बंद कर किसी तरह जान बचाई।
इतना ही नहीं, हमलावरों ने घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर और बाइक में भी तोड़फोड़ की। इस पूरी घटना का वीडियो पीड़ित परिवार ने घर के अंदर से ही रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पुलिस पर निष्क्रियता और दबाव में काम करने के आरोप
घायल अशोक सिकरवार ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते हालात बेकाबू हो गए। अशोक का आरोप है कि जिस प्रताप गुर्जर पर वे मारपीट और हमले का आरोप लगा रहे हैं, वह प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का मीडिया प्रभारी है। इसी कारण पुलिस दबाव में आकर कार्रवाई से बच रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी जयपाल गुर्जर आरोपियों के सजातीय हैं, इसलिए निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। अशोक के मुताबिक, विवाद शुरू होने के सात दिन पहले वे थाने पहुंचे थे, लेकिन टीआई ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और सिर्फ समझौता कराने की बात कही, जबकि उन्हें किसी तरह की सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई।
वीडियो के बाद बढ़ा दबाव
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्थानीय लोगों में भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायत दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कदम उठाए जाते, तो यह हिंसक घटना टाली जा सकती थी।
जांच की मांग
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रभावशाली लोगों के दबाव में ऐसे मामलों को दबाया जाएगा, तो आम लोगों का कानून से भरोसा उठ जाएगा।
फिलहाल, यह मामला मुरैना जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।












Click it and Unblock the Notifications