नायक फिल्म के हीरो की तरह एक्शन में नजर आए मुख्यमंत्री शिवराज, अचानक से पहुंचे बस्ती
भोपाल में पिछले कई दिनों से पीने का पानी नहीं आने के कारण जनता परेशान है। इसी के चलते मुख्यमंत्री शिवराज अपने काफिले के साथ अचानक नेहरू नगर की बस्ती में पहुंच गए।
भोपाल,18 मई। बेटियों के लिए मामा और बहनों के लिए भाई व राजनीति में अपने भाषणों के जरिए जनता के बीच पकड़ बनाने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर अलग अंदाज में नजर आए। दरअसल सीएम (Shivraj Singh Chouhan) ने आज नेहरु नगर स्थित न्यू शबरी नगर तिराहे पर अपने वाहन का काफिला रोककर जल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली और नगर निगम आयुक्त को आवश्यक निर्देश दिए।

आम जनता भी अपने सीएम को अपने बीच पाकर आश्चर्यचकित हो गई। स्थानीय वासियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से हम लोग पानी के लिए परेशान हैं,जब टैंकर आता है तो हम लोगों को लाइन लगाकर पानी भरना पड़ता है। डेली की तरह आज भी हम अपने बर्तन लेकर पानी की लाइन में लगे हुए थे कि अचानक किसी मंत्री का काफिला आता हुआ दिखाई दिया। देखा तो वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान थे। उन्होंने हमसे पानी की समस्या को लेकर पूछा तो हमने अपनी परेशानी बताई तो तुरंत नगर निगम कमिश्नर को फोन लगाकर नाराज होते हुए जल्द से जल्द पानी की समस्या दूर करने के लिए कहा। उसके बाद वे यहां से चले गए।

कुछ साल पहले बॉलीवुड की एक मूवी नायक आई थी, जिसमे अनिल कपूर ने 1 दिन के मुख्यमंत्री का किरदार निभाया था। इस मूवी में अनिल कपूर का नाम भी शिवराज था। उन्होंने इस किरदार में आम जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनी थीं। आज सीएम शिवराज को इस तरह देखकर नायक मूवी की याद आ गई । इससे पहले भी कई बार CM शिवराज नायक फिल्म के हीरो की तरह एक्शन करते हुए दिखाई दे चुके हैं।
पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर बोले सीएम शिवराज
सीएम शिवराज ने कहा है कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है। आज मुझे संतोष है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने का फैसला दिया है। अब पूरे आनंद से ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव संपन्न होगा। माननीय सर्वोच्च न्यायलय को मैं प्रणाम करता हूँ। मुख्यमंत्री चौहान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में दिए गए निर्णय पर मैपकास्ट परिसर में मीडिया के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हम ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव चाहते थे, लेकिन प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में गया। हमने ओबीसी आरक्षण के लिए हर संभव प्रयास किया, कोई कसर नहीं छोड़ी। ट्रिपल टी टेस्ट के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया। आयोग ने पूरे प्रदेश का दौरा किया, तथ्य जुटाए, व्यापक सर्वे किया और उन तथ्यों और सर्वे के आधार पर जो रिपोर्ट आयी, वह सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गयी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निकायवार रिपोर्ट मांगी गई, जिसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अंतत: सत्य की विजय हुई और यह फिर सिद्ध हुआ कि सत्य पराजित नहीं हो सकता।












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