Bhopal: पाकिस्तान बुली डॉग के साथ हैवानियत का VIDEO आया सामने, ट्रेनिंग कर्मचारी ने फंदे पर लटका कर मार डाला
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पशु क्रूरता का मामला सामने आया जिसमें कुत्ते को फांसी दी गई है और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही जनता में आक्रोश है। कुत्तों की रक्षा का वायदा कर अपने पास रखने वाले भक्षक बन गए।
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो भरोसा किस पर किया जाए। ऐसा ही भरोसे को तार-तार करने वाला मामला भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र के सहारा स्टेट में "द अल्फा डॉग ट्रेनिंग एंड बोर्डिंग सेंटर' से सामने आया है। जहां पर डॉग ट्रेनर रवि कुशवाहा ने अपने अन्य दो साथियों के साथ मिलकर डॉग को फांसी पर लटका उसकी हत्या कर दी।

कालापीपल का रहने वाले व्यापारी निखिल जायसवाल ने अपने डॉग को देखभाल और ट्रेनिंग के लिए भोपाल के सहारा स्टेट में द अल्फा डॉग ट्रेनिंग एंड बोर्डिंग सेंटर में दिया था और इसके एवज में वह करीब ₹15 हजार हर महीने उन्हें खर्चा दिया करता था। करीब 4 महीने तक उसका पाकिस्तान बुली ब्रीड का डॉग मिसरोद ट्रेनिंग सेंटर में रहा और जब निखिल डॉग को अपने पास लाने के लिए गया तो ट्रेनिंग सेंटर ने उसे बताया कि उसके डॉग की मौत हो गई है। इसके बाद डॉग मलिक निखिल डॉग को लेकर अपने घर अकोदिया लेकर चला जाता है और उसे दफना देता है। लेकिन कुछ समय बाद उसे याद आती है कि उसके डॉग की मौत कैसे हुई। वे पता करने के लिए ट्रेनिंग सेंटर पहुंचता है और वहां के सीसीटीवी भी देखता है तो उसे कुछ समय के सीसीटीवी गायब दिखते है। उसके बाद वे पुलिस को सूचना देता है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू करती है।
Recommended Video
पुलिस का कहना है कि हमने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और जब हमें पता चला कि कुछ समय का सीसीटीवी फुटेज गायब है तो फिर द्वार को जप्त किया वह रिकवरी कराई तो उसमें पता चला कि तीन लोगों ने फांसी लगाकर कुत्ते की हत्या की है। वही आशंका जताई जा रही है कि क्रॉस ब्रीडिंग के चलते कुत्ते की हत्या की गई है। फिलहाल हमने मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं पुलिस ने एसडीएम को दफनाए हुए डॉग को कब्र से निकालने के लिए पत्र लिखा है, जिससे कि डॉग का पोस्टमार्टम हो सके और मौत के कारण का पता चल सके। डॉग इतना पावरफुल था कि वो अपनी ताकत से बड़ी कारों को भी खींच लेता करता था। वही डॉग का मालिक उसके ऊपर प्रत्येक महीने ₹60 हजार का खर्च करता था।
डॉग मालिक ने बताई शिकायत में बताया
12 अक्टूबर को डॉग मालिक निखिल ने मिसरोद थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं शाजापुर के कालापीपल मंडी में रहता हूं। 1 मई 2023 को अपना पालतू डॉग पाकिस्तानी बुली (आलसेशियन डॉग) भोपाल के मिसरोद इलाके की सहारा स्टेट कॉलोनी में संचालित होने वाले अल्फा डॉग ट्रेनिंग एंड बोर्डिंग सेंटर में दिया था। 4 महीने की ट्रेनिंग 23 सितंबर को पूरी होना थी। मैंने 14 सितंबर को सेंटर फोन लगाकर कहा कि मैं अपने डॉग को लेने आ रहा हूं।
इस पर रवि ने मना करते हुए कहा- आप अभी मत आओ। इसे मेरे पास ही रहने दो, मैं फ्री ट्रेनिंग दूंगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को रवि का फोन आया और कहा कि डॉग को सांस नहीं आ रही है। हम सीपीआर दे रहे हैं। मैंने अस्पताल ले जाने का कहा तो वे नहीं ले गए।
मैं 9 अक्टूबर को शाम 4 बजे सेंटर पर पहुंचा। तब तक मेरे डॉग की मौत हो चुकी थी। मैंने सेंटर से रिकॉर्डिंग दिखाने का कहा तो उन्होंने मुझे 3 घंटे तक यह कहकर बिठा रखा कि रिकॉर्डिंग डाउनलोड नहीं हो रही है। वे टालमटोल करते रहे। उन्होंने रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी। इस दौरान रवि के हाथ पैर कांप रहे थे। मैंने अपने डॉग सुल्तान के पोस्टमार्टम की बात कही। इस पर रवि ने कहा कि मेरी सरकारी अस्पताल में बात हो गई है वहां चले जाओ। वहां गया तो पोस्टमॉर्टम नहीं किया गया। परेशान होकर मैंने डॉग का अंतिम संस्कार कर दिया।












Click it and Unblock the Notifications