प्रोफेसरों को अश्लील फोटो-वीडियो भेजना छात्रों को पड़ा भारी, अब जेल में कटेगी जिंदगी
राजधानी भोपाल में 2 छात्रों ने फर्जी आईडी बनाकर प्रोफेसरों को अश्लील वीडियो भेज कर ऑनलाइन (online) प्रैक्टिकल एक्जाम कैंसिल कराने की कोशिश की। साइबर पुलिस ने दोनों छात्रों पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
भोपाल, 23 जून। राजधानी भोपाल में 2 विद्यार्थियों को मजा लेना भारी पड़ गया। बता दें कि 2 विद्यार्थियों ने मजे लेने के चक्कर में अपने ही कॉलेज के प्रोफेसरों को अश्लील फोटो वीडियो भेजे। हालांकि इसमें एक विद्यार्थी है, जो उसी कॉलेज में पढ़ता है। दूसरा उसका दोस्त है। बता दें कि इन्होंने मजे लेने के चक्कर में फरवरी माह में पहली बार जूम ऐप के माध्यम से चल रही क्लास में पोर्न वीडियो मोबाइल में चालू कर स्क्रीन पर दिखाया और पढ़ा रही प्रोफेसर के साथ अश्लील बातें की। इतना नहीं, महिला प्रोफेसर से शारीरिक संबंध बनाने की बात भी कही। वहीं, दूसरी बार उन्होंने जब प्रैक्टिकल एग्जाम होने थे। उस दौरान इस तरह की हरकत की।

वारदात करने का तरीका
कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र को जब जूम ऐप की लिंक मिलती थी, वे इस लिंक को अपने दूसरे दोस्त को भी शेयर कर देता था। फिर दोनों जुड़ जाते थे। दोनों ने लड़कियों के नाम से अपनी फर्जी आईडी बनाई थी और फिर फर्जी आईडी के माध्यम से दोनों अश्लील हरकत करते थे। दूसरी बार में आरोपी विद्यार्थी ने हदें पार कर दी थी। उसने अपना प्राइवेट पार्ट दिखाया था और उसने ये हरकत प्रैक्टिकल एग्जाम को रुकवाने के लिए की थी।

फर्जी आईडी के जरिए अश्लील हरकत
फर्जी आईडी के जरिए लगातार अश्लील हरकत कर छात्रों को इसमें मजा आने लगा। इस दौरान इन्होंने महिला प्रोफेसरों को पर्सनल नंबर पर भी अश्लील वीडियो और मैसेज भेजना शुरू कर दिया। करीब 20 दिन पहले यह शिकायत प्रोफेसरों द्वारा स्टेट साइबर को की गई थी। स्टेट साइबर ने टेक्निकल एनालिसिस और कड़ी मेहनत के बाद इन्हें 20 दिन में पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। बता दे दोनों छात्र बिहार के रहने वाले है और भोपाल में पढ़ाई कर रहे हैं। एक विद्यार्थी नीट की तैयारी कर रहा है, तो दूसरा विद्यार्थी जो मुख्य आरोपी है, वह उसी कॉलेज में पढ़कर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है।

एसपी साइबर वैभव श्रीवास्तव ने दी जानकारी
साइबर पुलिस ने लोकेशन के आधार पर दोनों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। एसपी साइबर वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि जहां पर इन्होंने यह वीडियो बनाया था। उसके बैकग्राउंड के आधार पर और वहां पर लगे टीवी के कनेक्शन के बोर्ड के माध्यम से लोकेशन निकाली तो पता चला कि यह एक किराए का मकान है, जहां विद्यार्थी रहते हैं और वहां जब विद्यार्थियों से पूछताछ की तो उन्होंने पकड़े गए विद्यार्थियों का आना-जाना उस बिल्डिंग पर बताया था। जिसके बाद उनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने घटना कबूली। पुलिस ने पूरे मामले में दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि दोनों विद्यार्थियों ने यह हरकत मजे के लिए और एग्जाम रुकवाने के लिए की थी। इससे पहले भी कॉलेज लाइफ में इस तरह की हरकत ये विद्यार्थी कर चुके हैं। इस मामले में अभी तक करीब 7 प्रोफेसरों के आवेदन इन विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस को आ चुके हैं और भी बढ़ने की संभावना है। इनके पुराने अपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

माता-पिता रखें बच्चों की गलत गतिविधियों पर ध्यान
स्टेट साइबर एसपी वैभव श्रीवास्तव ने माता-पिता से अपील की है कि जो छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और वह उनसे दूर हैं, तो वह अपने बच्चों की गलत गतिविधियों पर ध्यान रखें और उनके बारे में अधिक से अधिक जानकारी उनके दोस्तों और उनके पढ़ाने वाले शिक्षकों से लेते रहें। पकड़े गए आरोपियों को पोर्न साइट देखने का ज्यादा शौक था और इसी शौक के चलते वह कई बार फर्जी आईडी से जुड़ कर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया। पर्सनल नंबर पर भी इन्होंने प्रोफेसर को मैसेज किए हैं। अभी तक मामले में यह सामने आया है कि सिर्फ मैसेज प्रोफेसेस को ही किए गए हैं। पढ़ने वाले साथी या अन्य विद्यार्थियों को नहीं किए गए हैं।
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