BSP पर फिर लगा टिकट बेचने का आरोप, कांग्रेस MLA ने कहा- BJP ने इतने रुपए में दिलवाई टिकट'
सतना, 7 जुलाई: नगरीय निकाय चुनाव सतना महापौर पद के लिए वोटिंग होने के बाद भी सियासी पारे में गिरावट आने के आसार नजर नहीं आ रहे। कांग्रेस की चुनावी बैठक में विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा के भाषण का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बीएसपी प्रत्याशी की मौजूदगी को न केवल बीजेपी का खेल बताया। बल्कि बीएसपी पर टिकटें बेचने का आरोप भी लगा डाला। यह वीडियो 3 जुलाई को सतना नगर के नजीराबाद में हुई चुनावी बैठक का बताया जा रहा है।

सतना नगर के नजीराबाद में थी बैठक
सतना नगर के नजीराबाद की चुनावी बैठक में कांग्रेस विधायक और मेयर प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि आप सब जानते हैं कि बीएसपी किसी को फ्री में टिकट नहीं देती। बीजेपी ने बीएसपी की टिकट के लिए 25 लाख रुपए दिए हैं। यह सब सतना संसदीय क्षेत्र के सांसद गणेश सिंह की चाल थी, सांसद का फेंका हुआ पांसा था। उन्होंने गेंदलाल भाई पटेल को सईद अहमद के पास भेजा और कहा कि चाहे वो निर्दलीय चुनाव लड़ें या बीएसपी से लेकिन उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए। वे बीएसपी से चुनाव मैदान में उतर गए। बीएसपी किसी को फ्री में टिकट नहीं देती है। टिकट के लिए 25 लाख रुपए दिए गए और वो रुपए बीजेपी कार्यालय से गए हैं। आज सईद अहमद चुनाव मैदान में हैं, परिणाम जो होगा देखा जाएगा, लेकिन ये सच सब के सामने आना चाहिए। ये रिश्तों की बुनियाद का सवाल है।

बीएसपी पर टिकट बेचने का लगाया आरोप
चुनावी बैठक में कांग्रेस प्रत्याशी इशारों ही इशारों में बीएसपी पर टिकट बेचने के आरोप लगा रहे थे। वहीं मंच पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा, शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद के अलावा बीएसपी के टिकट पर महापौर निर्वाचित होने वाले पूर्व मेयर पुष्कर सिंह तोमर और बीएसपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके अनिल अग्रहरि शिवा भी बैठक में मौजूद थे। बताते चलें कि खुद सिद्धार्थ कुशवाहा के दिवंगत पिता सुखलाल कुशवाहा भी बीएसपी से ही सांसद बने थे। वे बीएसपी के प्रभावशाली छत्रपों में शुमार किए जाते थे।

ओबीसी राजनीतिक दिशा में संकेत
सिद्धार्थ कुशवाहा की बातों ने बीएसपी पर पहले से लग रहे सवालिया निशानों को तो और गहराया ही है। विंध्य प्रदेश की राजनैतिक दिशा में बदलाव के संकेत भी दे दिए हैं। सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या महापौर पद का ये चुनाव आने वाले समय मे पिछड़ा वर्ग में बड़ी फूट का बड़ा कारण बनेगा? अब तक यूनाइट हो कर सत्ता के गलियारों तक पहुंचने वाले पिछड़ा वर्ग के नेताओ में बिखराव होगा? क्षेत्र में सवाल ये भी उठ रहे हैं कि अगर सिद्धार्थ कुशवाहा की बातें सही हैं तो क्या अब तक बीएसपी से चुनाव लड़ने और जीतने वालों को टिकट उनकी राजनैतिक काबिलियत पर नही बल्कि पैसों की बदौलत मिली थी?












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