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ब्रह्म मुहूर्त: INDORE के उद्योगपति प्रवेश अग्रवाल की आग में दर्दनाक मौत, पत्नी-बेटियां जिंदगी से जूझ रही

MP News: ब्रह्म मुहूर्त-जिसे शास्त्रों में सबसे पवित्र समय माना जाता है, जहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है-उसकी शुरुआत इंदौर के एक परिवार के लिए काल बन गई। तड़के सुबह चार बजे देवास नाका क्षेत्र के महिंद्रा कार शोरूम के ऊपर बने पेंटहाउस में लगी आग ने शहर के प्रमुख उद्योगपति और कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल की जिंदगी छीन ली।

दम घुटने से उनकी मौत हो गई, जबकि पत्नी श्वेता अग्रवाल और बेटियां सौम्या व मायरा गंभीर रूप से घायल हैं। सौम्या की हालत सबसे नाजुक है, जो बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में जिंदगी-मौत से लड़ रही हैं। यह हादसा न केवल एक परिवार को तोड़ गया, बल्कि इंदौर के उद्योग, राजनीति और सामाजिक जगत में शोक की गहरी लहर दौड़ा दी।

Brahma Muhurta Indore industrialist Pravesh Agarwal dies in fire wife daughters CM express grief

नर्मदा सेना के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवेश अग्रवाल की विदाई पर पूर्व सीएम कमलनाथ से लेकर सीएम मोहन यादव तक ने शोक जताया। आग के कारणों की जांच जारी है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में AC के शॉर्ट सर्किट को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। आइए, इस त्रासदी की पूरी कहानी जानें-घटना से लेकर प्रवेश के जीवन की अनकही दास्तान तक।

दर्दनाक हादसा: 'ब्रह्म मुहूर्त' में आग का गोला... परिवार सो रहा था, धुआं बन गया काल

महिंद्रा शोरूम (लसूड़िया क्षेत्र) के ऊपरी हिस्से में बना पेंटहाउस-जो प्रवेश का आलीशान आवास था-बुधवार तड़के चार बजे आग का शिकार हो गया। परिवार ब्रह्म मुहूर्त की शांति में सो रहा था, जब अचानक धुआं और चिंगारियां कमरे को घेरने लगीं। शुरुआती जांच में पता चला कि आग मंदिर क्षेत्र में जल रही 'अखंड ज्योति' या AC के शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई। लकड़ी के फर्नीचर और कालीनों ने आग को तेजी से फैलाया, और घना धुआं कमरों में भर गया।

प्रवेश अग्रवाल (52 वर्षीय) ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन धुएं की वजह से बाहर नहीं निकल पाए। दम घुटने से वे मौके पर ही बेहोश हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पत्नी श्वेता ने बताया, "हम सो रहे थे। अचानक धुआं आया। प्रवेश ने बच्चों को जगाया, लेकिन सांस लेना मुश्किल हो गया।" बड़ी बेटी सौम्या (20 वर्षीय) ने बहादुरी दिखाई-उन्होंने छोटी बहन मायरा (16 वर्षीय) को खिड़की से बाहर धकेला, लेकिन खुद धुएं की चपेट में आ गईं। सौम्या को 40% झुलसन और सांस की समस्या है, जबकि श्वेता और मायरा को धुएं से सांस लेने में तकलीफ हो रही है। तीनों को बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया, "सौम्या की हालत क्रिटिकल है। वेंटिलेटर पर हैं। श्वेता ICU में हैं, मायरा स्थिर लेकिन ऑक्सीजन पर।"

फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां 15 मिनट में पहुंचीं, लेकिन तब तक धुआं फैल चुका था। पेंटहाउस का एक हिस्सा पूरी तरह जल गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, और FIR दर्ज की। अतिरिक्त डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा, "शॉर्ट सर्किट लगता है, लेकिन फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। कोई लापरवाही हो तो कार्रवाई होगी।"

प्रवेश अग्रवाल: उद्योग से राजनीति तक की प्रेरक यात्रा... नर्मदा सेना के 'योद्धा'

प्रवेश अग्रवाल सिर्फ एक उद्योगपति नहीं थे-वे इंदौर के उद्योग जगत के 'गेम चेंजर' थे। महिंद्रा शोरूम के मालिक के रूप में उन्होंने लसूड़िया क्षेत्र में ऑटोमोबाइल सेक्टर को नई ऊंचाई दी। बिजनेस के अलावा, वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे। 2010 में उन्होंने 'नर्मदा सेना' की स्थापना की-एक संगठन जो नर्मदा नदी के संरक्षण, जल संकट और पर्यावरण मुद्दों पर काम करता है। कांग्रेस पार्टी में वे राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, और इंदौर-देवास में युवा नेताओं के प्रेरणास्रोत। पूर्व सीएम कमलनाथ ने शोक संदेश में कहा, "प्रवेश एक समर्पित कांग्रेसी थे। उनकी कमी पार्टी को हमेशा खलेगी।"

प्रवेश का जीवन संघर्षों से भरा था। बिहार के एक साधारण परिवार से इंदौर आकर उन्होंने शोरूम खोला, जो आज करोड़ों का टर्नओवर करता है। वे बिजनेस के साथ-साथ सामाजिक न्याय पर जोर देते थे-दलित-आदिवासी समुदायों के लिए स्कॉलरशिप, नर्मदा बचाओ अभियान। एक सहयोगी ने बताया, "वे कहते थे, 'व्यापार से कमाओ, समाज को लौटाओ।' नर्मदा सेना ने 500+ पौधे लगाए और जल संरक्षण पर कैंप लगाए।" उनकी मौत की खबर से इंदौर के बिजनेस चैंबर ने शोक सभा बुलाई, और देवास में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला।

शोक की लहर: राजनीतिक-सामाजिक जगत में सन्नाटा... CM ने परिवार को 5 लाख सहायल

प्रवेश की विदाई ने इंदौर को हिला दिया। कांग्रेस हाईकमान ने राष्ट्रीय स्तर पर शोक व्यक्त किया, जबकि BJP के सीएम मोहन यादव ने कहा, "प्रवेश सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरणा थे। परिवार को 5 लाख की सहायता देंगे।" उद्योगपतियों ने 1 करोड़ का फंड घोषित किया।

परिवार ने बताया, "प्रवेश हमेशा कहते थे, 'जिंदगी छोटी है, अच्छा काम करो।'" उनकी छोटी बेटी मायरा ने अस्पताल से कहा, "पापा को बचाना था... लेकिन धुआं..." यह हादसा इंदौर के हाई-राइज बिल्डिंग्स की सेफ्टी पर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है, "स्प्रिंकलर सिस्टम और स्मोक डिटेक्टर अनिवार्य होने चाहिए।"

जांच का पहलू: 'शॉर्ट सर्किट या अखंड ज्योति'? फॉरेंसिक टीम ने ली सैंपल

पुलिस ने जांच तेज कर दी है। फॉरेंसिक टीम ने AC वायरिंग, मंदिर क्षेत्र और फर्नीचर के सैंपल लिए। शुरुआती रिपोर्ट में AC का शॉर्ट सर्किट या मंदिर की 'अखंड ज्योति' से चिंगारी लगना संभावित बताया गया। एक अधिकारी ने कहा, "कोई साजिश नहीं लगती, लेकिन सबूतों की जांच होगी।" बिल्डिंग की सेफ्टी ऑडिट का आदेश दिया गया।

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