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MP News: BJP में नई ऊर्जा का संचार: श्याम टेलर युवा मोर्चा के कप्तान, अश्विनी परांजपे को महिला मोर्चा की कमान”

MP News: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती की दिशा में दो महत्वपूर्ण नियुक्तियों का ऐलान किया है। पार्टी ने ऊर्जावान और सक्रिय युवा नेता श्याम टेलर को भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) मध्यप्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, जबकि अनुभवी एवं प्रतिबद्ध समाजसेवी अश्विनी परांजपे को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों नई नियुक्तियों को लेकर प्रदेशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

मध्य प्रदेश भाजपा ने शनिवार 23 नवंबर 2025 को अपने संगठन में बड़े बदलावों का ऐलान किया, जिसमें राज्य महिला मोर्चा की कमान इंदौर की प्रमुख नेता और वकील अश्विनी परांजपे को सौंपी गई। केंद्रीय संगठन महामंत्री विनोद तावड़े के निर्देश पर राज्य भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस नियुक्ति को औपचारिक रूप दिया।

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अश्विनी परांजपे, जो लंबे समय से पार्टी की महिला शाखा में सक्रिय रही हैं, अब लाड़ली बहना योजना जैसे महिलाओं पर केंद्रित कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाएंगी। यह नियुक्ति भाजपा की 2023 विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद महिलाओं को संगठन में मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

भाजपा मुख्यालय में आयोजित संक्षिप्त समारोह में अश्विनी परांजपे ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा, "महिला मोर्चा को मजबूत बनाना मेरा पहला लक्ष्य होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'महिलाओं का सशक्तिकरण' के विजन को धरातल पर उतारेंगे। लाड़ली बहना योजना ने लाखों महिलाओं का जीवन बदला है, अब हम इसे और व्यापक बनाएंगे।" राज्य अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने नियुक्ति पर बधाई देते हुए कहा, "अश्विनी जी का संगठनात्मक अनुभव और महिलाओं के मुद्दों पर मुखरता उन्हें इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। भाजपा हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने वाली पार्टी रही है।"

अश्विनी परांजपे: संघ परिवार से जुड़ीं, इंदौर की राजनीतिक धुरी

अश्विनी परांजपे का राजनीतिक सफर संघ परिवार से जुड़ा है। वे 2000 से 2014 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की सक्रिय पदाधिकारी रहीं और उसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी बनीं। इंदौर की रहने वाली परांजपे एक अनुभवी वकील हैं और महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के मुद्दों पर हमेशा मुखर रही हैं। वे इंदौर नगर निगम से दो बार पार्षद चुनी गईं, जहां उन्होंने महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं पर काम किया। राज्य महिला मोर्चा की महासचिव रह चुकीं परांजपे जबलपुर जिला महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उनकी नियुक्ति को भाजपा की 'महिला उत्थान' रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, खासकर 2023 के विधानसभा चुनाव में लाड़ली बहना योजना के कारण मिली 163 सीटों की जीत के बाद।

परांजपे ने कहा, "महिलाओं को राजनीति में आगे लाना ही हमारा मिशन है। हम ग्रामीण और शहरी महिलाओं को जोड़ेंगे, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करेंगे और भाजपा की नीतियों को घर-घर पहुंचाएंगे।" उनके नेतृत्व में महिला मोर्चा अब 'महिला सशक्तिकरण अभियान' चलाने की तैयारी में है, जिसमें महिलाओं के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन पर फोकस होगा।

संगठन में अन्य बड़े बदलाव: युवा मोर्चा को भी नई ऊर्जा

अश्विनी परांजपे की नियुक्ति के साथ ही भाजपा ने युवा मोर्चा में भी फेरबदल किया। शाजापुर के पूर्व जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम टेलर को राज्य भाजपा युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया। टेलर ने कहा, "युवाओं को स्किल डेवलपमेंट और राष्ट्र निर्माण में जोड़ेंगे। पीएम मोदी जी के विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।"

इसके अलावा, मनोरंजन मिश्रा को सभी छह मोर्चों (युवा, महिला, किसान, ओबीसी, एससी, एसटी) का प्रभारी बनाया गया। आशीष तिवारी को सेल्स का प्रभार दिया गया, जबकि जितेंद्र लिटोरिया को राज्य इकाई का प्रोटोकॉल प्रभारी बनाया गया। ये सभी नियुक्तियां संघ परिवार से जुड़े नेताओं को दी गई हैं, जो भाजपा की संगठनात्मक मजबूती को दर्शाती हैं।

भाजपा की रणनीति: महिलाओं पर दांव, 2028 चुनाव की तैयारी

यह बदलाव भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, जहां महिलाओं को पार्टी की रीढ़ बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना ने 1.29 करोड़ महिलाओं को लाभ पहुंचाया है, जिसका श्रेय भाजपा को मिला। राज्य महिला मोर्चा अब इस योजना को और मजबूत करने के साथ-साथ 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और 'मिशन शक्ति' जैसे कार्यक्रमों को तेज करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अश्विनी परांजपे की नियुक्ति से इंदौर-मालवा क्षेत्र में भाजपा की पकड़ और मजबूत होगी, जहां महिलाओं की भागीदारी पहले से ही मजबूत है।

राज्य भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "महिला मोर्चा को अब जमीनी स्तर पर सक्रिय किया जाएगा। आने वाले लोकसभा उपचुनावों और 2028 विधानसभा चुनाव में महिलाओं का वोट बैंक भाजपा की जीत का राजा बनेगा।" विपक्षी दलों ने भी इस नियुक्ति का स्वागत किया है, लेकिन कहा कि भाजपा को महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर भी उतनी ही सख्ती दिखानी चाहिए।

अश्विनी परांजपे का संकल्प: "महिलाओं का हर दर्द हमारा दर्द"

पदभार ग्रहण के बाद परांजपे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "महिलाओं का हर संघर्ष हमारा है। हम घर-घर जाकर भाजपा की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेंगे। युवा मोर्चा के साथ मिलकर महिलाओं को राजनीति में आगे लाएंगे।" उनके नेतृत्व में पहला बड़ा कार्यक्रम 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 'महिला सशक्तिकरण सम्मेलन' आयोजित किया जाएगा।

यह नियुक्ति न केवल भाजपा के संगठन को मजबूत करेगी, बल्कि मध्य प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा भी देगी। अश्विनी परांजपे की कमान में महिला मोर्चा अब भाजपा की 'महिला क्रांति' का नया चेहरा बनेगा। राज्य भाजपा कार्यालय में उत्साह का माहौल है, और कार्यकर्ता नई ऊर्जा से लबरेज हैं।

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