भोपाल स्लॉटर हाउस गोमांस मामला: असलम कुरैशी को जमानत मिलते ही रिहा, लेकिन बाहर निकलते ही दोबारा गिरफ्तार
Bhopal Slaughter House: भोपाल के नगर निगम स्लॉटर हाउस से निकले मांस में गोमांस की पुष्टि के बाद गिरफ्तार असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को बुधवार (19 मार्च 2026) को जमानत मिल गई। जेल से रिहा होते ही पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, जोन-4 थाना पुलिस ने धारा 151 CrPC (शांति भंग की आशंका) के तहत कार्रवाई की है।
अब पुलिस उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लागू करने की तैयारी में जुटी है। इस बीच गोमांस तस्करी मामले को उजागर करने वाले भानू हिंदू ने पुलिस पर कमजोर चार्जशीट दाखिल करने का आरोप लगाया है और धमकी दी है कि अगर रासुका नहीं लगा तो हिंदू संगठन सड़कों पर उतरेंगे।

घटनाक्रम और दोबारा गिरफ्तारी
असलम कुरैशी को मंगलवार को जमानत मिली थी। बुधवार रात करीब 10 बजे भोपाल सेंट्रल जेल के मुख्य द्वार से वह बाहर निकला। लाल रंग की पोलो कार से उसे जेल परिसर से बाहर निकाला गया। इस कार का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस टीम ने उसे तुरंत घेर लिया और परवलिया सड़क होते हुए सीहोर रोड ले जाया। देर रात उसे जोन-4 थाना ले जाया गया, जहां धारा 151 के तहत गिरफ्तारी दर्ज की गई।
पुलिस का कहना है कि असलम की रिहाई से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है, इसलिए उसे हिरासत में लिया गया। अब अगले कुछ दिनों में उसके खिलाफ रासुका प्रस्ताव तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट को भेजा जाएगा। अगर रासुका लगता है तो असलम को 12 महीने तक बिना ट्रायल के हिरासत में रखा जा सकता है।
भानू हिंदू का आरोप: पुलिस ने की लापरवाही
गोमांस तस्करी मामले को उजागर करने वाले भानू हिंदू ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा:
"पुलिस ने केस की शुरुआत से ही लापरवाही बरती। गोमांस से भरा कंटेनर छोड़ दिया गया। हैदराबाद भेजा गया सैंपल खराब हो गया। मथुरा से आई सैंपल रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस की खामियों के कारण ही असलम को जमानत मिल गई। कमजोर चार्जशीट दाखिल की गई, जिसका फायदा उसे मिला।"
भानू ने चेतावनी दी कि अगर असलम पर रासुका नहीं लगाया गया तो हिंदू संगठन सड़कों पर उतरेंगे और अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि गोहत्या और गोमांस तस्करी के खिलाफ जनभावना का है।
पुलिस का पक्ष और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमानत मिलने के बाद असलम की रिहाई से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका थी। इसलिए धारा 151 के तहत हिरासत में लिया गया। अब रासुका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जोन-4 थाना पुलिस ने कहा कि मामला गंभीर है और सभी पहलुओं की जांच चल रही है।
गोमांस मामले की पृष्ठभूमि
भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस से निकले मांस के सैंपल में गोमांस की पुष्टि हुई थी। मथुरा की लैब रिपोर्ट के आधार पर असलम कुरैशी की गिरफ्तारी हुई। मामले में भानू हिंदू ने गोमांस तस्करी का खुलासा किया था। हिंदू संगठनों ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अब जमानत मिलने और दोबारा गिरफ्तारी से मामला फिर गरमा गया है।
यह घटना भोपाल में गोहत्या और गोमांस तस्करी के खिलाफ चल रही बहस को और तेज कर रही है। पुलिस की कार्रवाई और रासुका प्रस्ताव पर सभी की नजरें टिकी हैं। अगर रासुका लगा तो असलम की रिहाई मुश्किल हो जाएगी।












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