राजधानी भोपाल में संस्कार सेना का ऐतिहासिक आयोजन, 101 श्रवण कुमार अवॉर्ड से सैकड़ों लोग सम्मानित
Bhopal News Sanskar Sena: राजधानी भोपाल के गुलाब उद्यान में संस्कार सेना द्वारा आयोजित 101 श्रवण कुमार अवॉर्ड समारोह रविवार को भव्य और भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम माता-पिता के सम्मान, सेवा और भारतीय संस्कारों के संरक्षण को समर्पित रहा।
देश में तेजी से बढ़ती पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के बीच यह आयोजन समाज को मूल्यों की ओर लौटने का संदेश देता नजर आया।

माता-पिता के सम्मान का मंच बना गुलाब उद्यान
संस्कार सेना के संस्थापक हरभजन सिंह जांगड़े की पहल पर आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में यह बताया गया कि माता-पिता की सेवा केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग है। मंच से वक्ताओं ने युवाओं को यह समझाया कि संस्कारों के बिना कोई भी समाज मजबूत नहीं रह सकता।
कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरक उद्बोधनों से हुई। कलाकारों और बच्चों ने नाटकों के माध्यम से माता-पिता की भूमिका, उनके त्याग और आज की पीढ़ी की जिम्मेदारियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
101 विभूतियों को मिला श्रवण कुमार अवॉर्ड
इस अवसर पर समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा, संस्कृति और माता-पिता के प्रति समर्पण के लिए देशभर से आए 101 व्यक्तियों को श्रवण कुमार अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में इंदौर, भोपाल, बेंगलुरु, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों की सामाजिक हस्तियां, पत्रकार, कलाकार और समाजसेवी शामिल रहे।
विशेष रूप से नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, वरिष्ठ समाजसेवी पत्रकार राधेश्याम अग्रवाल सहित सैकड़ों लोगों को माता-पिता के प्रति सेवा भाव और सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में वन इंडिया हिंदी के मध्य प्रदेश ब्यूरो हेड व सीनियर रिपोर्टर एलएन मालवीय का भी स्वागत सम्मान किया गया है।

मानव सेवा अवॉर्ड भी किया गया प्रदान
कार्यक्रम में एडवोकेट राजीव जैन (प्रदेश अध्यक्ष, आईजा) द्वारा संस्कार सेना के संस्थापक हरभजन जांगड़े और राष्ट्रीय मुख्य सचिव अलका धुर्वे को मानव सेवा अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्कार सेना द्वारा किए जा रहे निरंतर सामाजिक कार्यों की पहचान के रूप में दिया गया।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने छू लिया दिल
तक्षशिला हायर सेकेंडरी स्कूल, मंडीदीप के बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक ने दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं संस्कार सेना की युवा टीम ने प्रशांत पथोरिया के नेतृत्व में "माता-पिता की दशा और युवाओं की दिशा" विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिसे खूब सराहना मिली।
दिग्गज अतिथियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा, श्रीमती विभा शर्मा, कृष्णापुरी महाराज (कुरावर), करणी सेना के राष्ट्रीय महासचिव डॉ सुरेश सोनगरा, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। डॉ सुरेश सोनगरा ने संस्कार सेना के कार्यों की सराहना करते हुए जल्द ही इंदौर में ऐसा ही आयोजन कराने का आश्वासन दिया।
"माता-पिता का सम्मान ही भारत को विश्वगुरु बनाएगा"
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि संस्कार सेना की यह मुहिम पूरे भारत में समाज को नई दिशा दे रही है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि यह ऐसा कार्य है जिसे न सरकार और न ही कोई नेता कर सकता है, यह केवल समाजसेवी संगठन ही कर सकते हैं।
समाज और मीडिया की बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, पत्रकार और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी को संस्कार सेना की ओर से मेडल, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
संस्कारों के संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में संस्थापक हरभजन जांगड़े ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कार सेना देशभर में माता-पिता के सम्मान की यह मुहिम निरंतर जारी रखेगी, ताकि आने वाली पीढ़ी संस्कारों से जुड़ी रहे। यह आयोजन न सिर्फ एक सम्मान समारोह रहा, बल्कि भारतीय समाज को संस्कारों की याद दिलाने वाला एक मजबूत सामाजिक संदेश बनकर उभरा।












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