Bhopal MP News: लव जिहाद के मुख्य आरोपी फरहान का पुलिस ने क्यों किया शॉर्ट एनकाउंटर, जानिए, पैर में लगी गोली
Bhopal MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में टीआईटी कॉलेज की छात्राओं के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और लव जिहाद कांड के मुख्य आरोपी फरहान अली उर्फ फराज के साथ पुलिस का शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।
फरहान ने मेडिकल जांच के दौरान फरार होने की कोशिश में पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई में फायर करना पड़ा। घायल फरहान को तुरंत हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। यह घटना 2 मई 2025 की देर रात की है, और इसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है।

कॉलेज में शुरू हुआ घिनौना खेल
यह पूरा मामला भोपाल के प्रतिष्ठित टेक्नोक्रेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (टीआईटी) कॉलेज से जुड़ा है, जहां अप्रैल 2022 से एक संगठित गिरोह हिंदू छात्राओं को निशाना बनाकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और कथित लव जिहाद की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड फरहान अली, जो कॉलेज का पूर्व छात्र है, अपने साथियों-साहिल, साद, अली खान, अबरार, नबील और हामिद (जिसने दिसंबर 2024 में आत्महत्या कर ली)-के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से छात्राओं को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस जांच के अनुसार, फरहान और उसके साथी फर्जी हिंदू नामों का इस्तेमाल कर छात्राओं से दोस्ती करते थे। वे उन्हें डांस क्लास, साइड इनकम, या डिनर के बहाने बुलाते, फिर नशीली सिगरेट, कोल्ड ड्रिंक में ड्रग्स मिलाकर उनका यौन शोषण करते। इसके बाद अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू होता। कई पीड़िताओं ने बताया कि उन पर धर्मांतरण, बुर्का पहनने और मांस खाने का दबाव भी डाला गया।
Bhopal MP News: कैसे खुला कांड का पर्दा?
यह सनसनीखेज मामला 18 अप्रैल 2025 को तब सामने आया, जब एक 19 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने बागसेवनिया थाने में फरहान के खिलाफ शिकायत दर्ज की। उसने बताया कि फरहान ने दो साल पहले उससे फर्जी हिंदू नाम रखकर दोस्ती की, उसका यौन शोषण किया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। उसने पीड़िता को अपनी सहेलियों से मिलवाने के लिए मजबूर किया, जिन्हें बाद में फरहान के दोस्तों ने निशाना बनाया।
पुलिस ने फरहान की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल से 12 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए, जिनमें सात पीड़िताएं दिखाई दीं। अब तक पांच पीड़िताओं ने शिकायत दर्ज की है, जबकि दो अन्य सामाजिक बदनामी के डर से सामने नहीं आई हैं। पुलिस ने इन पीड़िताओं को काउंसलिंग दे रही है, और छठी FIR दर्ज होने की संभावना है।
पांचवीं पीड़िता का चौंकाने वाला खुलासा
29 अप्रैल 2025 को पांचवीं पीड़िता ने बागसेवनिया थाने में FIR दर्ज कराई। 22 वर्षीय इस छात्रा ने बताया कि एक साल पहले फरहान और अली ने अशोका गार्डन इलाके में एक कमरे में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दोनों ने गांजे से भरी सिगरेट देकर उसे बेहोश किया, फिर बारी-बारी दुष्कर्म किया और एक-दूसरे के वीडियो बनाए। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इस खुलासे ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया।
रेस्टोरेंट से फंडिंग का शक
पुलिस को जांच में पता चला कि कॉलेज के पास क्लब 90 नाम का एक रेस्टोरेंट इस गिरोह का अड्डा था। फरहान और उसके साथी यहां साजिश रचते थे और छात्राओं को नाश्ते या चाय के बहाने बुलाते थे। पुलिस को शक है कि रेस्टोरेंट संचालक इस गिरोह को फंडिंग करता था। रेस्टोरेंट को सील कर दिया गया है, और संचालक भूमिगत हो गया है। पुलिस अब उसके बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की जांच कर रही है।
Bhopal MP News: फरहान का एनकाउंटर: क्या हुआ?
2 मई 2025 की देर रात, फरहान को मेडिकल जांच के लिए जेपी अस्पताल से हमीदिया हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था। इस दौरान उसने पुलिस पर हमला कर फरार होने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, फरहान ने काफिले में शामिल एक सिपाही का गला दबाने की कोशिश की और उसकी पिस्तौल छीनने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस और फरहान के बीच झूमाझटकी हुई, जिसमें पुलिस को जवाबी कार्रवाई में फायर करना पड़ा। गोली फरहान के दाहिने पैर में लगी, और उसे तुरंत हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
भोपाल के डीसीपी संजय अग्रवाल ने बताया, "फरहान ने फरार होने की कोशिश में पुलिस पर हमला किया था। जवाबी कार्रवाई में गोली चलानी पड़ी। उसकी हालत स्थिर है, और हम मामले की जांच कर रहे हैं।" पुलिस ने इस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
अब तक की कार्रवाई
- गिरफ्तारियां: फरहान, साहिल, साद, और अली खान गिरफ्तार। अबरार और नबील फरार, जिन पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित।
- साक्ष्य: फरहान के मोबाइल से पोर्न साइट का लिंक मिला, जहां वह वीडियो बेचने की योजना बना रहा था। 12 से ज्यादा वीडियो बरामद।
- कानूनी कार्रवाई: मामला पॉक्सो अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, और आईटी एक्ट के तहत दर्ज।
- एसआईटी जांच: पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जो इंदौर, पन्ना, बैतूल, कोलकाता, और बिहार तक फैले इस नेटवर्क की जांच कर रहा है।
- एनसीडब्ल्यू की जांच: राष्ट्रीय महिला आयोग ने 3 से 5 मई तक भोपाल में तीन सदस्यीय जांच समिति भेजी है।
सामाजिक और राजनीतिक उबाल
इस मामले ने भोपाल में भारी आक्रोश पैदा किया है। 29 अप्रैल को कोर्ट में आरोपियों की पेशी के दौरान वकीलों ने उनकी पिटाई की, और हिंदू संगठनों ने जेपी अस्पताल में प्रदर्शन किया। 2 मई को सकल हिंदू समाज ने भोपाल के 26 चौराहों पर लव जिहाद के खिलाफ प्रदर्शन किया और फांसी की सजा की मांग की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "राज्य में लव जिहाद या जिहाद बर्दाश्त नहीं होगा। दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।" बीजेपी सांसद आलोक शर्मा ने विवादास्पद बयान देते हुए आरोपियों की नसबंदी की मांग की। वहीं, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसे सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया।
अजमेर कांड की याद
पुलिस और मीडिया ने इस मामले की तुलना 1992 के अजमेर रेप कांड से की है, जहां एक गिरोह ने स्कूली छात्राओं को ब्लैकमेल कर उनका शोषण किया था। भोपाल पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "यह एक सुनियोजित साजिश है, जो अजमेर कांड की तरह ही संगठित है। हम पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए काम कर रहे हैं।"
फरहान के पिता का बयान
फरहान के पिता रिजवान खान ने न्यूज18 से बातचीत में कहा, "मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मेरा बेटा ऐसी घिनौनी हरकत कर सकता है। मैंने उसे पढ़ाया-लिखाया, लेकिन उसने जो किया, वह मेरे लिए शर्मिंदगी है। मेरे घर में अब उसके लिए कोई जगह नहीं।"












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