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Bhopal MD ड्रग्स केस: क्राइम ब्रांच की रडार पर कैसे आई 4 युवतियां, यासीन मछली मामले में नया खुलासा, जानिए

Bhopal MD drugs News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में MD ड्रग्स मामले ने एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। भोपाल क्राइम ब्रांच की जांच में अब चार युवतियों का नाम सामने आया है, जो इस हाई-प्रोफाइल ड्रग्स रैकेट में कथित तौर पर शामिल हो सकती हैं।

इस मामले का मुख्य आरोपी यासीन अहमद उर्फ 'यासीन मछली' और उसका चाचा शाहवर अहमद पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। क्राइम ब्रांच ने यासीन के मोबाइल से 20 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं, जिसमें युवतियों के साथ यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग, और हिंसक घटनाओं के दृश्य शामिल हैं।

Bhopal MD drugs 4 girls on crime branch radar new revelation in Yasin Machli case in mp

भोपाल MD ड्रग्स केस: नया खुलासा

भोपाल क्राइम ब्रांच की जांच में चार युवतियां अब रडार पर हैं। ये युवतियां कथित तौर पर यासीन मछली और उसके चाचा शाहवर अहमद के ड्रग्स और यौन शोषण रैकेट में शामिल हो सकती हैं। क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (DCP) शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया, "यासीन और शाहवर की गिरफ्तारी के बाद उनके मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों से कई सबूत मिले हैं। इनमें 22 से अधिक वीडियो हैं, जिनमें युवतियों के साथ यौन शोषण और युवकों पर हिंसक हमले के दृश्य हैं। चार युवतियों की भूमिका की जांच की जा रही है।"

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये युवतियां भोपाल के हाई-प्रोफाइल क्लबों, जिम, और कॉलेज परिसरों में ड्रग्स की डिलीवरी में शामिल हो सकती हैं। कुछ युवतियों को मुफ्त ड्रग्स देकर लत लगाई गई और फिर उन्हें ड्रग्स सप्लाई चेन में शामिल किया गया। क्राइम ब्रांच ने इन युवतियों की पहचान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनकी भूमिका को लेकर गहन पूछताछ शुरू हो गई है।

यासीन मछली और शाहवर का ड्रग्स रैकेट

भोपाल क्राइम ब्रांच ने 18 जुलाई 2025 को दो ड्रग्स तस्करों, सैफुद्दीन और शाहरुख उर्फ आशु, को गोविंदपुरा से गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 15.14 ग्राम MD (मेफेड्रोन) पाउडर, एक स्कूटर, और 3 लाख रुपये का मोबाइल बरामद हुआ। इनकी पूछताछ से यासीन अहमद उर्फ मछली और उसके चाचा शाहवर अहमद का नाम सामने आया। 23 जुलाई को एक नाटकीय कार्रवाई में यासीन को गैमन मॉल के पास एक आइसक्रीम पार्लर से गिरफ्तार किया गया, जबकि शाहवर को हथाईखेड़ा से पकड़ा गया।

यासीन के कब्जे से 3.1 ग्राम MDMA, एक देशी पिस्तौल, एक स्कॉर्पियो SUV, और फर्जी "प्रेस" और "विधानसभा" स्टिकर वाला वाहन बरामद हुआ। शाहवर के पास से 2.05 ग्राम MDMA और एक महिंद्रा BE6 गाड़ी मिली। यासीन के मोबाइल में 20 से अधिक वीडियो मिले, जिनमें ड्रग्स के प्रभाव में युवतियों का यौन शोषण और युवकों पर हिंसक हमले दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि यासीन और शाहवर भोपाल के क्लबों, जिम, और पार्टियों में MDMA को वजन घटाने की दवा के रूप में बेचते थे, जिसके बाद युवतियों को ब्लैकमेल कर ड्रग्स सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

चार युवतियों की भूमिका: क्या है सच्चाई?

क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि यासीन और शाहवर ने भोपाल के पांच प्रमुख क्लबों-जिनमें क्लब 90 शामिल है-में ड्रग्स सप्लाई के लिए एक संगठित नेटवर्क चलाया। इन क्लबों में आयोजित DJ पार्टियों और पूल पार्टियों में युवतियों को मुफ्त ड्रग्स देकर लत लगाई जाती थी। इसके बाद, कुछ युवतियों को ड्रग्स की डिलीवरी के लिए इस्तेमाल किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार युवतियों में से कुछ को ड्रग्स की लत थी, और वे यासीन के नेटवर्क में ड्रग्स सप्लाई करने वाली "कूरियर" के रूप में काम करती थीं। कुछ मामलों में, इन युवतियों को यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया गया। एक वीडियो में एक युवती को अन्य पुरुषों के सामने उत्पीड़न का शिकार बनाया गया, जिसकी पहचान कर पुलिस ने उसे काउंसलिंग की पेशकश की है।

हालांकि, क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया कि इन युवतियों की भूमिका अभी जांच के दायरे में है। यह साफ नहीं है कि वे स्वेच्छा से इस रैकेट में शामिल थीं या ब्लैकमेलिंग और ड्रग्स की लत के कारण मजबूर हुईं। पुलिस इन युवतियों से पूछताछ कर रही है और उनके बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बुलडोजर कार्रवाई और सियासी कनेक्शन

30 जुलाई 2025 को भोपाल जिला प्रशासन ने यासीन और उसके परिवार की छह अवैध संपत्तियों-दो फार्महाउस, एक वेयरहाउस, एक मदरसा, एक फैक्ट्री, और एक बंगला-पर बुलडोजर चलाया, जिनकी कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा, "ये संपत्तियां सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थीं।" कार्रवाई के दौरान पुलिस ने यासीन के फार्महाउस से हार्ड डिस्क और कंप्यूटर जब्त किए, जिनमें और आपत्तिजनक सामग्री मिली।

यासीन के पिता शफीक मछली मध्य प्रदेश BJP अल्पसंख्यक मोर्चा के वरिष्ठ नेता हैं, और उसके चाचा शारिक मछली ने खुद को BJP कार्यकर्ता बताया है। शारिक ने बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ एक वीडियो जारी कर इसे सियासी साजिश करार दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार ने 40 साल तक BJP की सेवा की, लेकिन कुछ नेताओं और उनके समुदाय के लोगों ने उन्हें फंसाया।

अन्य अपराध और "लव जिहाद" का कोण

यासीन पर ड्रग्स तस्करी के अलावा बलात्कार, ब्लैकमेलिंग, अपहरण, और अवैध हथियारों की तस्करी के आरोप हैं। कोह-ए-फिजा थाने में एक कॉलेज छात्र ने यासीन और उसके साथियों पर अपहरण, मारपीट, और लूट का आरोप लगाया। छात्र ने बताया कि उसे चाकू की नोक पर बंधक बनाकर एक दिन तक पीटा गया और शहर में "विजय जुलूस" निकाला गया।

इस मामले में "लव जिहाद" का कोण भी जोड़ा गया है। एक युवती ने यासीन, शारिक, और उनके सहयोगी मोहित बघेल पर बलात्कार और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया। मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य ने पुलिस से शारिक और यासीन के बीच संबंध जांचने को कहा।

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई और जांच की दिशा

क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सैफुद्दीन, शाहरुख, यासीन, शाहवर, और जगजीत सिंह उर्फ जग्गा शामिल हैं। जग्गा से एक .22 बोर की देशी पिस्तौल और गांजा बरामद हुआ। पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क राजस्थान, पंजाब, और मुंबई तक फैला है। यासीन को 1 अगस्त 2025 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि शाहवर की रिमांड बढ़ा दी गई है।

क्राइम ब्रांच अब इन चार युवतियों से पूछताछ कर रही है। DCP शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा, "हमारी प्राथमिकता पीड़ितों को न्याय दिलाना और इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।" पुलिस ने क्लब 90 के मैनेजर मोहित बघेल को भी हिरासत में लिया है और शारिक के करीबी गौरव चौहान उर्फ नानखटाई की तलाश कर रही है।

सियासी प्रतिक्रियाएं

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "BJP 'लव जिहाद' और 'ड्रग जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही है। यह अपराध का मामला है, इसे सांप्रदायिक रंग देना गलत है।" जवाब में BJP प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा, "यह ड्रग्स और यौन शोषण का संगठित नेटवर्क है। कांग्रेस इसे बचाने की कोशिश कर रही है।"

कानूनी विशेषज्ञ डॉ. अनिल वर्मा ने कहा, "यह एक जटिल मामला है, जिसमें ड्रग्स, यौन शोषण, और ब्लैकमेलिंग का मिश्रण है। चार युवतियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है, क्योंकि वे पीड़ित भी हो सकती हैं।" सामाजिक कार्यकर्ता रीना शर्मा ने कहा, "युवतियों को ड्रग्स की लत लगाकर अपराध में शामिल करना गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। प्रशासन को पीड़ितों को काउंसलिंग और सुरक्षा देनी चाहिए।"

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