MP News : Election से पहले एमपी की खराब सड़कें चमकेगी, CM शिवराज ने ₹1100 करोड़ के प्रस्ताव को दी मंजूरी

एमपी में अब शिवराज सरकार को लगने लगा है कि अगले साल होने वाले 2023 विधानसभा चुनाव में ये प्रमुख मुद्दा बन सकता है और विपक्ष इसे जनहित से जुड़े मुद्दे के तौर उठाकर चुनाव में फायदा ले सकता है। इसलिए सरकार खराब सड़कों को ले

मध्यप्रदेश में खराब सड़कों को लेकर संग्राम मचा हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खराब सड़कों को लेकर अधिकारियों को खूब खरी-खोटी भी सुनाई थी। लेकिन राजधानी में उसका ज्यादा असर दिखाई नहीं हैं। यही हाल पूरे प्रदेश में है। खराब सड़कों को लेकर अब शिवराज सरकार को लगने लगा है कि अगले साल होने वाले 2023 विधानसभा चुनाव में ये प्रमुख मुद्दा बन सकता है और विपक्ष इसे जनहित से जुड़े मुद्दे के तौर उठाकर चुनाव में फायदा ले सकता है। इसलिए सरकार खराब सड़कों को लेकर एक्टिव मोड में आ गई है। प्रदेश के सांसद विधायकों के प्रस्तावों के अनुसार प्रदेश में करीब 9000 किलोमीटर सड़कें ठीक किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव पर सरकार सड़कों को चमकाने के लिए 1100 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च करेगी।

नवीनीकरण प्रस्ताव के लिए सरकार ने 2 किस्तों में 1130 करोड़ रुपये मांगे

नवीनीकरण प्रस्ताव के लिए सरकार ने 2 किस्तों में 1130 करोड़ रुपये मांगे

प्रदेश में इस साल भारी बारिश के चलते करीब 4000 किलोमीटर की सड़कें खराब हो गई। वहीं 9 हजार किलोमीटर से ऊपर की सड़कों का नवीनीकरण किया जाना है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी ने बताया कि साधारण मरम्मत के लिए सरकार ने विभाग को अनुपूरक बजट में चार सौ करोड़ रुपय दिए है, लेकिन इतने कम बजट में ये काम पूरा नहीं हो सकता है। इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने नई नवीनीकरण प्रस्ताव तैयार किया है। जिसमें सरकार से दो किस्तों में 1130 करोड़ रुपए मांगे गए हैं। सीएम शिवराज ने इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति भी दे दी है।इस प्रस्ताव के तहत भोपाल में 3128 किमी, जबलपुर में 982 किमी, ग्वालियर में 795 किमी, रीवा परिक्षेत्र में 1195 किमी, सागर में 818 किमी, उज्जैन में 1002 किमी और इंदौर में 678 किलोमीटर सड़कें बनना है।

4 सालों से जुड़ी सड़कें पुल बने परेशानी

4 सालों से जुड़ी सड़कें पुल बने परेशानी

प्रदेश की 100 सड़कें और पुल लोक निर्माण विभाग के लिए फजीहत बन गए है। चार-चार साल से मंजूर इन सड़कों का काम कभी इंजीनियरों और ठेकेदारों की लापरवाही और कभी वित्तीय संकट के चलते पूरा नहीं हो पा रहा है। विधायकों की अनुशंसा मंजूर किए गए इन कामों को पूरा कराने अब विभाग के इंजीनियर इन चीफ फील्ड विजिट कर उनकी गुणवत्ता के साथ तकनीकी दिक्कतों की जानकारी लेने निकले हैं। इसकी शुरुआत रीवा शहडोल संभाग की सड़कों से हुई है विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को शहडोल जिले के ब्यौहारी विधायक शरद कोल के क्षेत्र में एक साल से अधिक समय से पेंडिंग विजयसोता पुल के निर्माण का निरीक्षण किया।

मंत्री भार्गव का दावा प्रदेश में 8 महीने में सड़कें होंगी दुरस्त

मंत्री भार्गव का दावा प्रदेश में 8 महीने में सड़कें होंगी दुरस्त

मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव ने मीडिया से चर्चा के दौरान खराब सड़कों को लेकर कहा कि विभाग के पास अभी बजट नहीं है। जल्द ही मद में फंडा आ जाएगा। जिसके बाद खराब सड़कों को ठीक करने का काम तेजी से शुरू किया जाएगा। मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि प्रदेश की खराब सड़कें पूरी तरह से ठीक कर दी जाएंगी जिसमें करीब 8 महीने का समय लगेगा।

सरकार कर्ज लेकर कर रही प्रदेश में विकास

सरकार कर्ज लेकर कर रही प्रदेश में विकास

बता दें कि राज्य शासन ने निर्माणाधीन सड़कों का काम पूरा करने के लिए केंद्र पोषित विशेष सहायता 2022 23 के अंतर्गत केंद्रीय वित्त मंत्रालय से पिछले माह 1373.27 करोड़ रुपये का लोन लिया है। इस लोन को 50 साल में सरकार को चुकाना होगा इस राशि से 1 साल में अधूरी सड़कों व पुलों का काम पूरा करने का टारगेट तय किया गया है।

केके मिश्रा ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

केके मिश्रा ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने खराब सड़कों को लेकर सरकार पर हमला बोला है उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार में लगातार कमीशन खोरी जा रही है। मिश्रा ने कहा कि कारण डैम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक बार फिर भ्रष्टाचार की सड़के बनने को तैयार हैं उन्होंने मंडीदीप के पास नेशनल हाईवे के पुल का बारिश में बहने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस सरकार में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है।

भोपाल में अभी भी सड़कों का हाल बुरा, सीएम की फटकार का नहीं दिखा ज्यादा असर

भोपाल में अभी भी सड़कों का हाल बुरा, सीएम की फटकार का नहीं दिखा ज्यादा असर

राजधानी भोपाल में अभी भी सड़कों का हाल बुरा है। सीएम शिवराज ने 15 दिन में सड़कों को सुधारने की समय सीमा दी थी और कहा था कि 15 दिन बाद में फिर समीक्षा बैठक करूंगा। लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया महेश हमीदिया की सड़कों के गड्ढे भर दी गए,वो भी टेंपरेरी। अधिकारी ने सिर्फ जिस सड़क से सीएम गुजर रहे थे उससे फोकस कर सुधार दिया इसके अलावा शैतान सिंह चौराहा रोहित नगर में कुछ जगह जगह काम शुरू हुआ है बाकी पूरे भोपाल में सड़कों की हालत खराब है अयोध्या नगर, अशोका गार्डन नॉर्थ टीटी नगर डीआईजी बंगला सहित कई इलाकों के रोड अभी भी खराब है।

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