20 हजार की रिश्वत लेते जिला शिक्षा केंद्र का एपीसी गिरफ्तार, रीवा लोकायुक्त ने लिया हिरासत में'
सतना, 29 जून: रीवा लोकायुक्त की टीम ने जिला शिक्षा क्रेंद में पदस्त सहायक परियोजना समन्वय वित्त को बीस हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार लिया है। लोकायुक्त के छापे से न केवल जिला परियोजना समन्वय वित्त कार्यालय समेत शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। रिश्वत लेते पकड़े गए सहायक परियोजना समन्वय वित्त के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रीवा लोकायुक्त की टीम ने सतना मुख्यालय के सिविल लाइन स्थित जिला शिक्षा केंद्र में दबिश देकर सहायक परियोजना समन्वय वित्त मनीष प्रजापति को बीस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। सहायक परियोजना समन्वय वित्त ने रिश्वत की यह रकम बालक छात्रावास जवाहरनगर के वार्डन उमेश त्रिवेदी से ली थी। उमेश ने रीवा लोकायुक्त SP से सहायक परियोजना समन्वय वित्त द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद 29 जून बुधवार को DSP राजेश पाठक के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम सतना भेजी गई थी। जिसने सहायक परियोजना समन्वय वित्त को पकड़ लिया।

रेनोवेशन की किस्त के लिए मांगे थे रुपए

शिकायतकर्ता ने जानकारी दी कि बालक छात्रावास जवाहरनगर के रेनोवेशन के लिए 8 लाख 80 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे। जिसमें पहली किश्त दे दी गई थी और काम भी करा लिया गया था। दूसरी किश्त की रकम बाकी थी जिसके लिए वह 2 महीने से लगातार डीपीसी-एपीसी से लिखित-मौखिक निवेदन कर रहे थे।सहायक परियोजना समन्वय वित्त वित्त मनीष प्रजापति ने इसके लिए 25 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। उनसे निवेदन भी किया गया था कि यह रिश्वत दे पाना संभव नहीं है। लेकिन सहायक परियोजना समन्वय वित्त मानने को तैयार नहीं थे। लिहाजा SP लोकायुक्त रीवा से शिकायत करने के बाद सहायक परियोजना समन्वय वित्त को 5 हजार रुपए एडवांस दे दिया गया।

जिला कलेक्ट्रेट बुलाकर की थी रुपए की मांग
सहायक परियोजना समन्वय वित्त की ड्यूटी चुनाव कार्य में लगी है। इसीलिए मंगलवार को उसने वार्डन को जिला कलेक्ट्रेट बुलाया जहां मेन गेट के पास चाय दुकान में खड़े हो कर रुपए और मांगे। रुपए की मांग उसने अपने हाथ पर रुपए लिखकर की। 29 जून बुधवार को जैसे ही वार्डन ने रुपए दिए। रीवा लोकायुक्त की टीम ने जिला शिक्षा क्रेंद में पदस्त सहायक परियोजना समन्वय वित्त को पकड़ लिया।












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