MP News: दमोह में कथित लव जिहाद का मामला, आराधना गौतम का वीडियो वायरल, परिवार और हिंदू संगठनों के आरोप खारिज
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा क्षेत्र में कथित लव जिहाद का मामला नया मोड़ ले चुका है। हटा की रहने वाली बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा आराधना गौतम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
इस वीडियो ने न केवल परिवार और हिंदू संगठनों के दावों को चुनौती दी है, बल्कि पूरे मामले को एक नई दिशा दे दी है। आराधना ने वीडियो में स्पष्ट किया कि उसने अपनी मर्जी से सरवर खान के साथ शादी की है और पिछले सात सालों से उसे जानती है। इस बीच, हिंदू संगठनों और परिवार के आरोपों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है।

आराधना का वीडियो: "मेरी मर्जी से की शादी"
20 वर्षीय आराधना गौतम ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने वीडियो में साफ कहा, "मैंने सरवर खान से अपनी मर्जी से शादी की है। मैं 9 अगस्त को स्वेच्छा से उसके साथ गई थी। मैं उसे सात साल से जानती हूं और मुझे पहले से पता था कि वह मुस्लिम है।" उसने यह भी कहा कि इस मामले में सरवर के परिवार का कोई हाथ नहीं है। वीडियो में आराधना ने चेतावनी दी, "अगर मुझे या सरवर और उसके परिवार को कुछ होता है, तो इसके लिए मेरे परिजन और रिश्तेदार जिम्मेदार होंगे।"
आराधना का यह बयान हिंदू संगठनों और परिवार के उन दावों के खिलाफ है, जिनमें सरवर खान पर लव जिहाद का आरोप लगाया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला और जटिल हो गया है, क्योंकि यह न केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक मान्यताओं के बीच टकराव को भी दर्शाता है।
परिवार का आरोप: "सौरभ बनकर बहलाया"
आराधना के परिवार ने 9 अगस्त को हटा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की थी। परिवार का दावा है कि गैसाबाद निवासी 22 वर्षीय सरवर खान ने खुद को सौरभ बताकर उनकी बेटी से दोस्ती की और उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आराधना अपने साथ सोने-चांदी के जेवर लेकर गई है। परिवार के अनुसार, आराधना ने मामा के घर जाने की बात कहकर घर छोड़ा था, लेकिन वह वापस नहीं लौटी।
परिवार के इस दावे ने हिंदू संगठनों को आंदोलन के लिए प्रेरित किया। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने इसे लव जिहाद का मामला करार देते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की। सोमवार शाम करीब 5 बजे इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने परिजनों के साथ हटा थाने में ज्ञापन सौंपा और सरवर खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
हिंदू संगठनों का आक्रोश: आंदोलन की चेतावनी
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अंजू खत्री और बजरंग दल के हटा ब्लॉक अध्यक्ष भरत राय ने कहा, "यह लव जिहाद का स्पष्ट मामला है। युवक ने अपनी पहचान छिपाकर हिंदू लड़की को फंसाया और उसे भगा ले गया। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि युवती को जल्द से जल्द ढूंढा जाए और आरोपी को गिरफ्तार किया जाए।" उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। संगठनों ने इसे हिंदू समाज की भावनाओं पर हमला करार दिया और पूरे मामले की गहन जांच की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई: गुमशुदगी का मामला दर्ज
हटा थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि परिवार की शिकायत के आधार पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आराधना की तलाश के लिए कई टीमें गठन की हैं, जो आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही हैं। उपाध्याय ने कहा, "हम वीडियो का संज्ञान ले रहे हैं और उसकी सत्यता की जांच कर रहे हैं। अगर लव जिहाद के आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" पुलिस ने यह भी बताया कि सरवर खान हार्डवेयर की दुकान में काम करता है और वह भी बालिग है।
लव जिहाद का विवाद: सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता
यह मामला मध्यप्रदेश में लव जिहाद के कथित मामलों की कड़ी में एक और इजाफा है। हाल के महीनों में भोपाल, उज्जैन, और अन्य शहरों में भी इस तरह के मामले सामने आए हैं, जिन्हें लेकर हिंदू संगठनों ने आंदोलन किए हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने 2021 में 'मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम' लागू किया था, जो जबरन या छल से धर्म परिवर्तन और शादी के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान करता है। हालांकि, आराधना के वीडियो ने इस मामले को जटिल बना दिया है, क्योंकि उसने स्वेच्छा से शादी करने की बात कही है।
सामाजिक कार्यकर्ता और वकील रमेश शर्मा ने कहा, "यह मामला व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक मान्यताओं के बीच टकराव का है। अगर दोनों बालिग हैं और उनकी सहमति से शादी हुई है, तो इसे लव जिहाद कहना गलत हो सकता है। लेकिन परिवार और समाज की भावनाएं भी अनदेखी नहीं की जा सकतीं।" उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की ताकि सच्चाई सामने आए।
पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
दमोह में लव जिहाद के कथित मामले पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। 2023 में एक युवती के गायब होने के बाद हिंदू संगठनों ने इसी तरह के आरोप लगाए थे, लेकिन बाद में वह मामला आपसी सहमति का निकला था। मध्यप्रदेश में लव जिहाद का मुद्दा अक्सर राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बनता है। हाल ही में भोपाल में एक फल विक्रेता से जुड़े मामले ने भी 'थूक जिहाद' के नाम पर विवाद पैदा किया था, जिसे लेकर हिंदू संगठनों ने आंदोलन किया था।












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