नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद डॉ गोविंद सिंह ने कमलनाथ के इस्तीफे को लेकर दिया बड़ा बयान
मध्यप्रदेश में पूर्व सीएम कमलनाथ के नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद सात बार के विधायक गोविंद सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद गोविंद सिंह का बड़ा बयान सामने आया है
भोपाल, 28 अप्रैल। चुनावी रणनीति के तहत मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने चुनाव से पहले बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वरिष्ठ विधायक गोविंद सिंह को यह पद सौंप दिया है। गोविंद सिंह 7 बार से विधायक हैं। लंबे समय से उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के लिए मांग चल रही थी। कांग्रेस कमेटी के महासचिव मुकुल वासनिक के हस्ताक्षर से गुरुवार को गोविंद सिंह के नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए।

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वहीं नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद डॉ गोविंद सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मेरे नेता प्रतिपक्ष बन जाने से मेरे ऊपर सरकार के पंख नहीं लग गए। मैं विपक्ष में भूमिका निभाता था और निभाता रहूंगा। सरकार की गलत नीतियों का विरोध करता रहूंगा। वहीं कमलनाथ के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि कमलनाथ इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि अपने कार्य का बंटवारा किया है। उन्होंने विश्वास करके मुझे अपनी जिम्मेदारी में सहयोगी बनाया है। मैं कमलनाथ का शुक्रगुजार हूं और पूरी शिद्दत के साथ विपक्ष के नेता की भूमिका निभाऊंगा।
बीजेपी के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर का बयान
पूर्व सीएम कमलनाथ के नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र सिंह पराशर ने कहा कि कमलनाथ जी लोकसभा में रहे, विधानसभा में रहे व मुख्यमंत्री रहे। हाल ही में उनका एक बयान सामने आया था कि उनको विधानसभा में बकवास सुनना पसंद नहीं है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को बधाई दी। उन्होंने कमलनाथ को बकवास सुनने से बचा लिया और उनसे इस्तीफा ले लिया। कमलनाथ जी ने लोकतंत्र की मर्यादाओं का अपमान किया था। हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने इस मुद्दे को प्रबल तरीके से उठाया था, इसी का परिणाम है कि आज कमलनाथ जी को इस्तीफा देना पड़ा है।












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