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MP में अब अफ्रीकन स्वाइन फ्लू ने दी दस्तक, रीवा में 10 सूअरों में वायरस के संक्रमण की पुष्टि

रीवा, 20 अगस्त। मध्यप्रदेश में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। रीवा जिले से भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान में जांच के लिए भेजे गए 10 सैंपल में अफ्रीकन स्वाइन फीवर संक्रमण पाया गया। एनआईएचएसडी सूत्रों की माने तो मध्य प्रदेश में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का यह पहला आउटब्रेक है। स्थान की ओर से जांच रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी गई है।

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    African Swine Flu Cases: Madhya Pradesh में 10 सुअरों में वायरस की पुष्टि | वनइंडिया हिंदी | *News
    कैसे चला पता

    कैसे चला पता

    रीवा जिले के वेटरनरी विभाग से मिली जानकारी अनुसार शहर के वार्ड क्रमांक 15 में धोबिया टंकी क्षेत्र में सुअरों के बीमार होने की जानकारी मिली थी। लक्षणों के आधार पर बीमार सुअरों के सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए थे। वेटरनरी उप संचालक डॉ. राजेश मिश्रा की माने तो उन्हें अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इस कारण से रोकथाम के लिए अभी कोई कदम नहीं उठाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद सक्रियता से बीमारी की रोकथाम के लिए प्रयास किया जाएंगे।

    मारे जाएंगे सैकड़ो सुअर

    मारे जाएंगे सैकड़ो सुअर

    अफ्रीकन स्वाइन फीवर को नियंत्रित करने की राष्ट्रीय गाइडलाइन के मुताबिक जिस क्षेत्र पर बीमारी का संक्रमण पाया जाता है, उसके 1 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सुअरों को मार दिया जाता है। जिससे दूसरे जानवरों को बीमारी के संक्रमण से बचाया जा सके। इसके अलावा 3 किलोमीटर के दायरों में सभी जानवरों की सैंपलिंग कर निगरानी करनी होगी। विशेषज्ञों की माने तो सुअरों से दूसरों जानवरों में इस बीमारी से संक्रमित होने का खतरा बना रहता है।

    क्या है एएसएफ

    क्या है एएसएफ


    विशेषज्ञ चिकित्सकों की माने तो यह 1 बहुत ही घातक संक्रामक रोग है, यह अफ्रीकन स्वाइन फीवर नामक वायरस के माध्यम से फैलता है। पालतू और जंगली सुअरों दोनो ही इसके शिकार में आते हैं। संक्रमित सुअरों में तीव्र रक्तस्त्रावी बुखार आता है। इसके अलावा बुखार के साथ एनोरेक्सिया,त्वचा में रक्तस्त्राव, भूख न लगना, उल्टी-दस्त भी बीमारी के लक्षण है।

    विभाग की लापरवाही आई सामने

    विभाग की लापरवाही आई सामने

    बीते 1 महीने पूर्व जिले के मऊगंज इलाके में सुअरों के अचानक से बीमारी होने और उसके बाद मौत होने की जानकारी सामने आई थी। इलाके में 2 दर्जन से अधिक सुअरों की मौत हो गई थी। लेकिन विभाग द्वार मऊगंज क्षेत्र में होने वाली सुअरों की मौत को गंभीरता से नहीं लिया। जब शहर के सुअरों के बीमार होने और मौत के बारे में पता चला तब विभाग द्वारा सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजा गया। मऊगंज में सुअरों की मौत का कारण अगर यह बीमारी हुई तो मामले में हुई देरी कहीं बड़ी घटना की वजह न बन जाए।

    लंपी स्किन डिसीज के मामले भी बढ़ रहे

    लंपी स्किन डिसीज के मामले भी बढ़ रहे

    इसके पहले मध्य प्रदेश के पशुओं में लंपी स्किन डिसीज के मामले मिल चुके है इस बीमारी से पशुओं के शरीर पर गठाने होने के साथ ही सर्दी, बुखार और जुकाम होता है। इससे संक्रमित पशुओं की मौत का खतरा भी बढ़ जाता है।

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