MP News: सरकारी कॉलेजों के छात्रों के लिए खुशखबरी, बनेगी ABHA ID, इन सेवाओं से सीधा जुड़ाव, जानिए पूरा फायदा
MP government colleges: मध्य प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत कॉलेज में पढ़ रहे हर छात्र की आभा आईडी (Ayushman Bharat Health Account - ABHA ID) बनाई जाए।
यह पहल छात्रों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनकी मेडिकल हिस्ट्री सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहेगी।

यह निर्देश मंगलवार (16 दिसंबर 2025) को जारी किए गए, और विभाग ने कॉलेजों से इस काम को प्राथमिकता देने को कहा है। प्रदेश में सैकड़ों शासकीय महाविद्यालय हैं, जहां लाखों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इस अभियान से युवा पीढ़ी डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगी, जो भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को तेज और कुशल बनाएगा।
कॉलेजों में कैसे होगा कार्यान्वयन?
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार:
नोडल अधिकारी की नियुक्ति: हर शासकीय महाविद्यालय में आभा आईडी निर्माण के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी पूरे प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
ABDM चैंपियन: अंतिम वर्ष के दो छात्र-छात्राओं को ABDM चैंपियन के रूप में नामांकित किया जाएगा। ये चैंपियन अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे, जैसे साथी छात्रों को जागरूक करना और आईडी बनाने में मदद करना।
ट्रेनिंग: नोडल अधिकारी और चैंपियनों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की टीम द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विभाग ने सभी प्राचार्यों से अपील की है कि शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि सभी छात्र जल्द से जल्द डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ सकें।
यह अभियान स्वैच्छिक है, लेकिन विभाग इसे प्रोत्साहित कर रहा है ताकि अधिक से अधिक छात्र लाभ उठा सकें।
आभा आईडी क्या है?
आभा आईडी (ABHA ID) एक 14 अंकों की यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी है, जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का हिस्सा है। यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत हर नागरिक की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्टोर की जाती है। यह आधार कार्ड से लिंक होती है और आसानी से बनाई जा सकती है। ABHA ऐप या वेबसाइट (abdm.gov.in) के जरिए खुद भी बना सकते हैं, लेकिन अब कॉलेजों में सहायता से बनेगी।
छात्रों को क्या फायदा होगा?
सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक जगह: डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन, जांच रिपोर्ट्स (ब्लड टेस्ट, एक्स-रे आदि), दवाओं का विवरण, वैक्सीनेशन डिटेल्स सब एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगे।
आसान पहुंच: कहीं भी इलाज करवाते समय पुरानी रिपोर्ट्स दिखाने की जरूरत नहीं। डॉक्टर ABHA आईडी से सीधे एक्सेस कर सकेंगे (छात्र की अनुमति से)।
टेलीमेडिसिन और ऑनलाइन कंसल्टेशन: e-Sanjeevani जैसी सेवाओं से आसानी से जुड़ सकेंगे, खासकर ग्रामीण या दूरदराज के छात्रों के लिए उपयोगी।
भविष्य में बड़ा लाभ: कॉलेज के बाद जॉब या आगे की पढ़ाई में स्वास्थ्य संबंधी इमरजेंसी में तुरंत मदद मिलेगी। साथ ही, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत कार्ड) से लिंक होने पर कैशलेस ट्रीटमेंट आसान।
प्राइवेसी सुरक्षित: छात्र खुद तय करेंगे कि कौन उनकी जानकारी देख सकता है। डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवा छात्रों में यह आईडी बनाने से वे शुरू से ही डिजिटल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे, जो लंबे समय में हेल्थ केयर सिस्टम को मजबूत बनाएगा।
कैसे बनवाएं आभा आईडी?
कॉलेज में नोडल अधिकारी या चैंपियन की मदद से।
खुद बनानी हो तो: ABHA ऐप डाउनलोड करें या healthid.ndhm.gov.in पर जाएं। आधार और मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन कर 14 अंकों की आईडी जनरेट करें।
यह पूरी तरह मुफ्त है।
मध्य प्रदेश में पहले से ही करोड़ों ABHA आईडी बन चुकी हैं, और अब उच्च शिक्षा के छात्रों को शामिल करने से यह संख्या और बढ़ेगी। विभाग का लक्ष्य है कि सभी शासकीय कॉलेजों के छात्र जल्द ही इस डिजिटल सुविधा से जुड़ जाएं।
यह पहल न केवल छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती है, बल्कि डिजिटल इंडिया के विजन को भी मजबूत करती है। अगर आप सरकारी कॉलेज में पढ़ रहे हैं, तो अपने प्राचार्य या नोडल अधिकारी से संपर्क करें और अपनी आभा आईडी बनवाएं!












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