Bhopal news: गैस कांड की 40वीं वर्षगांठ पर पीड़ितों का प्रोटेस्ट, 5 लाख रुपये मुआवजे और न्याय की मांग
भोपाल गैस कांड के पीड़ित परिवारों ने आज मुआवजे की मांग को लेकर एक जोरदार रैली निकाली। रैली का आयोजन गैस त्रासदी की 40वीं वर्षगांठ के मौके पर किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों ने भाग लिया।
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रैली के दौरान पीड़ितों ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उसने डाउ केमिकल्स (जो यूनियन कार्बाइड की मालिक कंपनी है) से सांठगांठ कर इस मामले की सही तरीके से सुनवाई और पीड़ितों को उचित मुआवजा देने में विफलता दिखाई है।

बता दे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज गैस त्रासदी की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर गैस पीड़ितों ने जोरदार प्रोटेस्ट किया। गैस पीड़ितों ने भारत टॉकीज चौराहे से लेकर हमीदिया रोड तक एक मार्च निकाला, जिसमें हजारों की संख्या में पीड़ितों और उनके परिवारों ने हिस्सा लिया।
गैस त्रासदी के पीड़ितों ने इस दौरान मुआवजे की बढ़ोतरी, सही इलाज और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि 1984 में हुई इस त्रासदी के बाद 40 सालों में उनके दर्द और दुख का सही तरीके से समाधान नहीं किया गया है।

25000 रुपये के मुआवजे पर नाराजगी
रैली में शामिल पीड़ितों ने वन इंडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें केवल 25,000 रुपये का मुआवजा मिला था, जो किसी भी हाल में उनके दर्द और पीड़ा का मुकाबला नहीं कर सकता। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस रकम को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये किया जाए ताकि उनके परिवारों को न्याय मिल सके।
पीड़ितों का कहना है कि मुआवजा नाकाफी है
गैस त्रासदी में प्रभावित परिवारों ने कहा कि 40 साल बाद भी उन्हें उन कष्टों का मुआवजा नहीं मिला जिनसे वे और उनके परिवार आज भी जूझ रहे हैं। हजारों लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, और उन्हें इलाज के लिए पर्याप्त वित्तीय मदद की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि मुआवजा राशि में बढ़ोतरी न केवल आर्थिक मदद होगी बल्कि यह उनके अधिकारों की मान्यता भी होगी।

मोदी सरकार और डाउ केमिकल्स पर आरोप
रैली में शामिल पीड़ितों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने डाउ केमिकल्स से सांठगांठ कर इस मामले को दबाने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने डाउ केमिकल्स से जुड़े लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की और न ही उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
गैस कांड के बाद पीड़ितों का संघर्ष जारी
1984 में भोपाल के यूनियन कार्बाइड संयंत्र से रिसी हुई जहरीली गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे। आज भी गैस त्रासदी के पीड़ितों का संघर्ष जारी है, और उनकी मांग है कि उन्हें मुआवजा, चिकित्सा सहायता और न्याय मिले।
रैली के आयोजन से यह स्पष्ट हो गया है कि गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए यह एक लंबी लड़ाई है, जो अब तक पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाई है।












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