हिजाब विवाद पर फैसले से पहले दक्षिण कन्नड़ प्रशासन ने लिया सभी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी का फैसला
कर्नाटक में हुए हिजाब विवाद पर कल यानी मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।
बैंगलुरु, 14 मार्च। हिजाब विवाद पर मंगलवार को आने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले से पहले कर्नाटक के जिले दक्षिण कर्नाटक प्रशासन ने सभी स्कूल, कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया है। दक्षिण कर्नाटक के डीसी ने कल यानी 15 मार्च को सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का आदेश दिया। दक्षिण कर्नाटक के डीसी राजेंद्र केवी ने कहा कि मंगलवार को एक्सटर्नल एग्जाम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे, लेकिन इंटरनल एग्जाम स्थगित रहेंगी।
इसके साथ-साथ बेंगलुरु में एक सप्ताह के लिए सार्रवजनिक स्थानों में सभी प्रकार की सभाओं, आंदोलन, विरोध या समारोह पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने इस बात की जानकारी दी।
मालूम हो कि कर्नाटक में हुए हिजाब विवाद पर कल यानी मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। बता दें कि कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि मामले के निपटारे तक स्कूलों और कॉलेजों द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म का पालन किया जाना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी ने कक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाले याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता मोहम्मद ताहिर से कहा था, 'हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि चाहे डिग्री कॉलेज हो या पीयू कॉलेज, अगर यूनिफॉर्म निर्धारित की गई है तो अदालत के समक्ष मामला लंबित होने तक इसका पालन करना होगा।'
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जब उडुपी के याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए एक वकील ने बताया कि शिक्षकों को भी अपना हिजाब हटाने के लिए कहा गया था, तो कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिजाब से संबंधित अंतरिम आदेश केवल छात्रों तक सीमित था।
क्या था पूरा मामला
हिजाब को लेकर विवाद उस वक्त उत्पन्न हुआ जब कर्नाटक के उडुपी जिले के सरकारी पीयू गर्ल्स कॉलेज की कुछ छात्राओं को हिजाब पहनकर स्कूल में प्रवेश देने से मना कर दिया गया। इसके बाद इन छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कहा कि हिजाब पहनने पर स्कूल प्रशासन ने उन्हें एंट्री देने से मना कर दिया। इसके बाद विजयपुरा स्थित शांतेश्वर एजुकेशन ट्रस्ट में विभिन्न कॉलेजों के छात्र भगवा स्कार्फ पहनकर पहुंचे।
मामले के तूल पकड़ता देख प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा बोर्ड ने एक सर्कुलर जारी किया जिसमें कहा गया कि छात्र केवल स्कूल प्रशासन द्वारा अनुमोदित की गई ड्रेस पहनकर ही स्कूल आ सकते हैं और कॉलेजों में किसी भी अन्य धार्मिक प्रथाओं को अनुमति नहीं दी जाएगी।












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