RLD नेता अनुपम मिश्रा बोले- अखिलेश जनता से दूर, मायावती अब भरोसेमंद चेहरा नहीं रहीं
RLD News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा ने बलिया में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। बातचीत के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव और मायावती पर तीखे तंज कसे।
अनुपम मिश्रा ने अखिलेश यादव को 'सोशल मीडिया का नेता' करार देते हुए कहा कि वह जनता से दूरी बनाए रखते हैं और चुनाव आने पर अचानक मैदान में उतरते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश सिर्फ ट्वीट करते हैं और वास्तविक मुद्दों पर कभी सड़क पर नहीं उतरते।

तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति का एजेंडा अब सिर्फ इतना रह गया है कि सुबह उठो, मुख्यमंत्री पर ट्वीट करो और फिर सो जाओ। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद किसानों के खेतों में जाकर सर्वेक्षण कर रहे हैं।
बसपा की गिरती स्थिति पर चुटकी
अनुपम मिश्रा ने बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मायावती भले ही खुद को दलितों की बेटी कहती हों, लेकिन उनकी जीवनशैली किसी महारानी से कम नहीं दिखती। इसलिए अब जनता उनकी बातों पर विश्वास नहीं करती।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से बसपा के मजबूत वापसी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अब स्थिति यह है कि पार्टी एक विधायक जिताने लायक भी नहीं बची है। जनता जानती है कि अब बसपा का पुराना प्रभाव खत्म हो चुका है।
बसपा के नारों में बदलाव पर मिश्रा ने चुटकी लेते हुए कहा कि कभी 'तिलक, तराजू और तलवार...' जैसे नारे लगाने वाली पार्टी 'हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा, विष्णु, महेश है' कहने लगी। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए विचारधारा से समझौता करने वाली राजनीति को जनता भलीभांति पहचानती है।
अनुपम मिश्रा ने कहा कि जिन जातियों और वर्गों के नाम पर बसपा ने राजनीति की उन्हीं के हालात आज भी नहीं बदले हैं। यह दिखाता है कि दलितों के नाम पर केवल सियासत की गई वास्तविक काम नहीं हुआ।
अब वादों से नहीं, काम की सच्चाई से पड़ते हैं वोट
अनुपम मिश्रा ने दावा किया कि जनता अब झूठे वादों और सोशल मीडिया की पोस्टों से प्रभावित नहीं होती। लोग अब जमीन पर हो रहे काम को देख रहे हैं और उसी आधार पर अपना समर्थन दे रहे हैं।
वहीं सपा नेताओं द्वारा 27 में सपा की सरकार बनने के दावे किए जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार बनाने का सपना सपा का केवल एक भ्रम है। उन्होंने शायराना अंदाज़ में कहा कि हमें मालूम है जन्नत की हकीकत, मगर ग़ालिब... दिल को बहलाने को ये ख्याल अच्छा है।












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