ओपी राजभर ने की दयाशंकर सिंह से मुलाकात, गठबंधन में वापसी के सवाल पर क्या बोले योगी सरकार के मंत्री?
बलिया, 05 मई: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की योगी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात ने एक बार फिर सियासी अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि, दयाशंकर सिंह ने अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि इससे पहले भी दूसरे दलों के नेताओं के साथ उनकी मुलाकात होती रही है। सिंह ने राजभर के साथ मुलाकात को औपचारिक बताते हुए कहा कि वे अपने इलाके से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लिंक कट को शुरू कराए जाने के संबंध में एक विधायक के तौर पर मिले थे। इस दौरान कोई भी राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
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गठबंधन में वापसी के सवाल पर क्या बोले दयाशंकर सिंह
यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि बलिया की राजनीति मेलजोल वाली होती है। वहीं, ओपी राजभर की गठबंधन में वापसी के सवालों पर कहा कि यह तय करना शीर्ष नेतृत्व का काम है। उन्होंने दावा किया कि वैचारिक तौर पर देखा जाए तो मैंने पहले भी उनकी (ओपी राजभर की) पार्टी के वोटर को पार्टी से जोड़ने का काम किया है।
दयाशंकर सिंह ने कहा - बेमेल गठबंधन में शामिल हैं राजभर
सिंह ने कहा कि राजनीति में रास्ता हमेशा खुला रहता है। ओपी राजभर एक बेमेल गठबंधन में शामिल हैं। बाकी दलों से आए लोगों को भी मौका मिला और वे भी मंत्री बनाए गए। उन्होंने आगे कहा कि वैचारिक रूप से भले ही हम विरोधी हैं लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर विकास के लिए एकजुट होकर काम करते हैं। दयाशंकर सिंह ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर की मांग को हमारे नेता भी पूरा करते हैं। बता दें, विधानसभा चुनाव के दौरान ओपी राजभर लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अपनी पूर्व सहयोगी पार्टी बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले रहे थे। राजभर योगी सरकार की विदाई का दंभ भी भर रहे थे। साथ ही दावा कर रहे थे कि सपा गठबंधन 300 से ज्यादा सीटें हासिल कर यूपी में सरकार बनाएगा।
दयाशंकर सिंह मंत्री से पहले मेरे दोस्त हैं: ओपी राजभर
ओपी राजभर ने कहा, "मैं 2022 में (भाजपा के साथ) नहीं गया था। मैं समाजवादी पार्टी के साथ गया था। जब मुलायम सिंह जी मोदी जी, योगी जी से मिलते हैं, तो उनके पार्टी में शामिल होने की कोई बात नहीं होती है। जब ओम प्रकाश राजभर किसी से मिलते हैं, अटकलें शुरू होती हैं। दयाशंकर सिंह एक मंत्री हैं। उससे पहले, वह मेरे दोस्त हैं। मैं अपने क्षेत्र का विधायक हूं। अगर मैं अपने क्षेत्र में समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहा हूं तो मुझे एक मंत्री से मिलने का अधिकार है। मेरे पास भी है पीएम से मिलने का अधिकार। मैं अपने विधायक दल का नेता हूं।"












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