CRPF के जवान का लापता बेटे को नहीं ढूंढ पा रही यूपी पुलिस, 20 दिन से काट रहे थानों के चक्कर

आजमगढ़। यूपी में आजमगढ़ जिला स्थित महराजगंज थाने के बड़हरडीह गांव निवासी रणविजय सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में तैनात हैं। कुछ अपराधियों ने उनका बेटा किडनैप कर लिया था। पुलिस ने शिकायत मिलते ही जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मगर, बेटे का कुछ पता नहीं चल पाया। कई दिन तक कोशिश करने के बाद पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए। पुलिस ने कहा कि बच्चे को बदमाशों ने मार डाला होगा और उसकी लाश घाघरा नदी में फेंक दी होगी। इस पर परिजनों ने गोताखोरों के जरिए बेटे की लाश ढूंढने की रिक्वस्ट की। गोताखोरों ने भी कई दिन खोजा, मगर कुछ हाथ नहीं लगा।

पुलिस बेटे को मरा हुआ मान रही

पुलिस बेटे को मरा हुआ मान रही

अब रणविजय सिंह ने डीजीपी से भी गुहार लगाई है। उसका कहना है कि पुलिस केवल अपराधियों के कहने पर उसके बेटे को मरा हुआ मान रही है, जबकि पूरे परिवार को लगता है कि उसका बेटा अभी जिन्दा है और अपराधियों ने उसे कहीं छिपा कर रखा है। फौजी की मांग है कि उसके बेटे को पुलिस जिंदा या मुर्दा तलाश करे। यह घटना आजमगढ़ जिले महराजगंज थाना क्षेत्र के बड़हरडीह गांव की है।

28 जून को मिली गायब होने की खबर

28 जून को मिली गायब होने की खबर

बता दें कि, रणविजय सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 136वीं बटालियन के तहत असम के नलबाड़ी जिले के अतिसंवेदनशील क्षेत्र में तैनात हैं। 19 दिन पूर्व 28 जून को अपने छोटे पुत्र मनन के गायब हो जाने की खबर मिलने पर छुट्टी लेकर घर आये। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मनन के गायब होने पर गांव के ही रजनीश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया। 6 जुलाई को नामजद आरोपी को जेल भेज दिया। मगर, आरोपी के निशानदेही एवं बयान के आधार पर पुलिस प्रशासन को अब तक कोई कामयाबी नहीं मिल पाई।

प्रदेश के डीजीपी से भी गुहार लगाई

प्रदेश के डीजीपी से भी गुहार लगाई

इधर, देश के दुश्मनों से लोहा लेने वाले फौजी रणविजय का परिवार बेटे के गायब होने से टूट गया है। इस मामले में फौजी ने सीआरपीएफ मुख्यालय को भी पत्र लिख कर पूरे मामले को अवगत कराया है। सीआरपीएफ जवान के पत्र को गंभीरता से लेते हुए कमांडेंट ने 11 जुलाई को जिला प्रशासन के नाम पत्र भेजकर वास्तविक वस्तु स्थिति से सीआरपीएफ मुख्यालय को अवगत कराने का कहा है। इतना नहीं जवान ने अपने बेटे की तलाश के लिए प्रदेश के डीजीपी से भी गुहार लगाई है। जवान की मानें तो उसके बेटे की हत्या नहीं हुई बल्कि आरोपी पुलिस को बरगला रहे हैं। पीडित जवान की मांग है कि अगर उसके बेटे की हत्या हो गई है तो पुलिस इसका साक्ष्य दे।

20 दिनों बाद भी खोज बेनतीजा

20 दिनों बाद भी खोज बेनतीजा

फौजी के बेटे के गायब होने के बाद असम से लेकर आजमगढ़ तक हडकम्प मचा हुआ है और पुलिस लगातार शव बरामद करने के लिए हाथ-पांव मार रही है। लेकिन करीब 20 दिनों बाद भी नतीजा शून्य है। वहीं पुलिस का कहना है कि पकड़े गये आरोपियों ने जो भी बात बताई उसके आधार पर फौजी के बेटे की मौत हो चुकी है। डीजीपी के आदेश और निर्देश के बाद जांच दायरा बढ़ा दिया गया है। अपराधी के कई साइंटिफिक टेस्ट कराये जा रहे हैं।

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