प्रयागराज: पूर्व सांसद अतीक अहमद के घर और दफ्तर पर CBI का छापा, कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

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    अतीक अहमद के घर पर सीबीआई का छापा

    प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से बड़ी खबर आ रही है। यहां पूर्व समाजवादी पार्टी के सांसद व बाहुबली अतीक अहमद के कई ठिकानों पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने छापेमारी की है। जानकरी के अनुसार, बुधवार सुबह जांच एजेंसी ने अतीक के प्रयागराज स्थित घर और दफ्तर पर भी छापेमारी की। जांच अधिकारी फिलहाल जांच पड़ताल में जुटे हैं। दरअसल, देवरिया जेल में बिजनेसमैन की पिटाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद सीबीआई ने अतीक के खिलाफ यह कार्रवाई की है। फिलहाल अतीक अहमद गुजरात के अहमदाबाद जेल में बंद है।

    CBI ने मारा छापा

    CBI ने मारा छापा

    सीबीआई की दो टीमों ने अतीक अहमद के घर व ऑफिस पर बुधवार की सुबह 7:30 पर छापा मारा। अतीक के समर्थकों के बवाल करने व हालात को पूरी तरह से अंडर कंट्रोल रखने के लिये सीबीआई ने पीएसी और आरएएफ की टीमों को अपनी सुरक्षा में ले रखा है। आश्चर्य की बात यह है कि सीबीआई रेड की जानकारी लोकल पुलिस को भी नहीं दी गयी। अतीक के वर्चस्व को देखते ही पूरी गोपनियता के साथ सीबीआई ने छापेमारी की और इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी थी। जब सीबीआई के अतीक घर व ऑफिस पर सीबीआई पहुंची तब तक आरएएफ व पीएसी ने पूरे परिक्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया था। इस समय किसी को भी अंदर बाहर जाने की इजाजत नहीं है। मीडिया को भी घटनास्थल से दूर रखा गया है।

    क्या है मामला

    क्या है मामला

    जानकारी के अनुसार, 26 दिसंबर को अतीक अहमद के गुर्गों ने लखनऊ के रियल स्टेट व्यापारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर लिया था और देवरिया जेल ले गए थे। यहां उसकी बर्बरतापूर्वक पिटाई के बाद करोड़ों रुपये की प्रापर्टी जबरन अपने व करीबियों के नाम करा ली थी। किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर लखनऊ पहुंचे मोहित ने वहां केस दर्ज कराया तब देवरिया पुलिस हरकत में आई। मोहित की अपील पर कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को जांच का निर्देश दिया था।

    देवरिया जेल से चलने लगा था गैंग

    देवरिया जेल से चलने लगा था गैंग

    सीबीआई की टीम साक्ष्यों को जुटाने के लिए करीब एक माह से देवरिया में डटी हैं। सिंचाई विभाग के डाक बंगले में रुकी टीम ने कई बार जेल जाकर बंदियों-कैदियों, बंदीरक्षकों व जेल अधिकारियों के बयान दर्ज किए। अब तक की छानबीन में यह सामने आया है कि अप्रैल 2017 से देवरिया जेल में आने के बाद अतीक के तमाम गुर्गे व करीबी भी यहीं ठिकाना बनाए रहे। कई बार उनके माध्यम से बड़े कारोबारियों को देवरिया बुलाया गया और उनसे रंगदारी ली गई। शहर के होटलों में ही उनका ठिकाना रहा। सीबीआई को यह भी पता चला है कि अतीक अपने साथ बंद कैदियों की भी मदद अंदर से कर रहा था। फिलहाल अब अतीक की मुश्किल और बढेंगी और उनके जेल से बाहर निकलने की सभी तरह की संभावनाओं पर विराम लग गया है।

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