Shivangi Ganna : कौन है 13 साल की शिवांगी गन्ना जो बर्थडे से 8 दिन पहले दीक्षा लेकर बनेगी साध्वी?
अजमेर, 12 फरवरी। जिस उम्र में बच्चे पढ़ने और खेलने कूदने में मशगूल होते हैं, उस उम्र में राजस्थान की शिवांगी गन्ना ने धर्म की राह पकड़ ली है। शिवांगी साध्वी बनने जा रही है। ये 17 फरवरी को ब्यावर में जन्मदिन से 8 दिन पहले दीक्षा लेंगी।

पिता करते हैं सोने-चांदी का काम
शिवांगी के पिता अंकित गन्ना अजमेर जिले के ब्यावर के लोढ़ा बाजार में सोने-चांदी की दलाली का कार्य करते है। माता दक्षा गन्ना गृहणी है। वर्तमान में राजसमंद के भीम में रहने वाली शिवांगी की दीक्षा तैयारियों में परिजन जुटे हुए हैं।

17 फरवरी को ब्यावर में दीक्षा लेंगी
25 फरवरी 2009 को जन्मी 13 साल की शिवांगी 17 फरवरी को ब्यावर में दीक्षा लेंगी। मुमुक्षु शिवांगी के परिवार में अभी तक 10 लोग जैन धर्म की दीक्षा ले चुके हैं। शिवांगी की बचपन से ही धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने में रुचि थी। जैन साधु-संतों की धर्मसभाओं में जाकर उनके प्रवचन को ध्यान से सुना करती थी।

कक्षा चार के बाद पढ़ाई छोड़ दी
बता दें कि शिवांगी ने ब्यावर के सेंट पॉल स्कूल से कक्षा चार के बाद पढ़ाई छोड़ दी। पढ़ाई छोड़ने के बाद जैन संत साध्वी के सानिध्य में शिक्षा ग्रहण करने लगीं। सांसारिक जीवन से मोह भंग के बाद शिवांगी ने माता-पिता के सामने दीक्षा लेने की इच्छा जाहिर की।

छोटी उम्र में दीक्षा पर जवाब
मीडिया से बातचीत में शिवांगी ने बताया कि उससे कई लोग पूछते हैं कि 'तुम इतनी छोटी उम्र में दीक्षा क्यों ले रही हो, थोड़ी बड़ी होकर दीक्षा लेना?' इस पर शिवांग का जवाब होता है कि 'मैं छोटी हूं, परंतु आप तो बड़े हो गए हो। आप क्यों अभी भी संसार में बैठे हो?'

दीक्षा का उम्र से संबंध नहीं
शिवांगी कहती हैं कि मौत का संबंध जैसे उम्र से नहीं है। वैसे ही दीक्षा का कनेक्शन भी उम्र से नहीं है। कई लोग पूछते हैं कि धर्म ही करना है तो घर बैठकर ही कर लेना। घर छोड़ने की क्या जरूरत है? ऐसा पूछने वालों को शिवांगी जवाब देती हैं कि देश की रक्षा करनी है तो फौजी को बॉर्डर पर जाना ही होगा। वह यह काम घर बैठकर नहीं कर सकता।












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