CDS रावत पर अपमानजनक पोस्ट करने वाला गुजरात में धरा गया, पहले भी रहा विवादित
अहमदाबाद। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत को आज राजधानी दिल्ली में अंतिम विदाई दे दी गई। वह 8 दिसंबर के दिन तमिलनाडु में एक हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गए थे। उनके अलावा हेलिकॉप्टर में सवार उनकी पत्नी व अन्य 12 लोग भी मारे गए थे। यह खबर आते ही देशभर में शोक मनाया जाने लगा। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हें भारत मां के सच्चे-सपूतों की जान जाने पर हंसी आ रही थी और व्यंग्य सूझ रहे थे। ऐसा ही एक शख्स गुजरात के अमरेली से पुलिस ने धर लिया है।

पुलिस की ओर से बताया गया कि, अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल ने गुजरात में एक 44 वर्षीय व्यक्ति, जिसका नाम शिवभाई राम है, को गिरफ्तार कर लिया है। इस शख्स ने अपने फेसबुक पेज पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की मौत के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। जिसके स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे। शिकायत मिली तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पाया कि, उक्त शख्स पहले भी लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले पोस्ट कर चुका था।
उसे अब गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ धारा 153-ए के तहत विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और आईपीसी की धारा 295-ए के तहत धर्म का अपमान करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से दुर्भावनापूर्ण कृत्यों में लिप्त होने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि, उसे उसके पिछले 2 पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया है, जिसमें अपमानजनक लहजे भी थे और यह तब सामने आया जब उसकी नई टिप्पणी सामने आई।
साइबर क्राइम सेल की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि आरोपी की पहचान शिवभाई राम के रूप में हुई, जो गुजरात के अमरेली जिले के राजुला तालुका के भेराई गांव का निवासी है। हालांकि, इस विज्ञप्ति में जनरल रावत के खिलाफ की गई टिप्पणी के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया, जिनकी बुधवार को तमिलनाडु में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में 12 अन्य लोगों के साथ मौत हो गई थी।

सहायक पुलिस आयुक्त जितेंद्र यादव ने कहा कि, आरोपी को उसके पिछले पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया, जिसमें उसने अपने फेसबुक पेज "शिवाभाई अहीर" पर हिंदू देवताओं के साथ-साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी।
एसीपी यादव ने कहा, "जनरल बिपिन रावत पर कुछ अपमानजनक पोस्ट साझा करने के बाद आरोपी हमारे रडार पर आ गया। उसकी टाइमलाइन स्कैन करने पर, हमें पता चला कि उसने पहले हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए थे। उसने अपने फेसबुक में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया था।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच से पता चला है कि आरोपी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं थीं और वह आपत्तिजनक पोस्ट साझा कर सुर्खियों में रहना चाहता था। एसीपी ने कहा, "शिवाभाई ने 2010 और 2014 के बीच उप सरपंच (अपने गांव के) के रूप में काम किया था। चूंकि उसकी आने वाले वर्षों में सरपंच के रूप में चुने जाने की महत्वाकांक्षा है, इसलिए वह सोशल मीडिया के माध्यम से संवेदनशील मुद्दों को उठाकर लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहा था।












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