मुलायम ने किया बेटे अखिलेश का बचाव, कहा दंगा नहीं मुजफ्फरनगर में जातीय संघर्ष
लखनऊ। पश्चमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए है। जारी हिंसा में अबतक 39 लोगों की मौतहो चुकी है। हिंसा से बिगड़े हालात को लेकर अब विरोधियों के निशाने पर प्रदेश की अखिलेश सरकार आ गई है। मुजफ्फरनगर जिले में हुए सांप्रदायिक हिंसा को लेकर विरोधी सपा पर सीधा हमला बोल रहे है। कांग्रेस समेत बाकी की विरोधी पार्टियों ने इसे सरकार की नाकामी करार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का इस्तीफा मांगा है।
विरोधियों के वार से बचाने के लिए अखिलेश के बचाव में अपॉुने पिता और सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह आ गए है। समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश का बचाव करते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा साम्प्रदायिक दंगा नहीं बल्कि जातीय संघर्ष था।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की पूर्वसंध्या पर मुलयाम ने कहा, 'मुजफ्फरनगर और आसपास जो भी हुआ वह जातीय संघर्ष था। चाहे आप उसको दंगा कह लें या जातीय संघर्ष कहे। पूरे मामले पर दुख जताते हुए मुलायम ने कहा जो हुआ तो गलत था, यह बहुत खतरनाक है।
मुलायम ने यह भी कहा कि सरकार ने दो दिन में हिंसा को काबू में कर लिया।राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हिस्सा लेने आगरा पहुंचे मुलायम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा की यह घटना राज्य सरकार के लिए और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा सबक है। मुलायम ने कहा, यह घटना पार्टी और सरकार दोनों के लिए सबक है कि आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जा सकें। राज्य सरकार को सांप्रदायिक ताकतों से सतर्क रहना होगा।
उन्होंने कहा, वास्तव में कहें तो हिंसा की इस घटना के बाद बहुत दुख पहुंचा है लेकिन इसमें राज्य सरकार का 'फाल्ट' नहीं है, यह एक जातीय संघर्ष है। प्रदेश की सरकार ने दो दिन के भीतर ही हालात को काबू में कर अच्छा काम किया है।
उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर में शनिवार को भड़की हिंसा में अब तक 30 से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी हैं और 48 लोग घायल हुए हैं। सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक कल से आगरा में शुरू हो रही है।












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