लालबत्ती को छोड़ रिक्शा की सवारी कर रहे हैं सांसद
नयी दिल्ली। पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे है। तीन महीनों में अबतक 9 बार पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। महंगाई की मार झेल रही आम जनता के लिए केन्द्र सरकार ने कई तरकीब निकाली, लेकिन कोई भी तरीका काम नहीं आया। केन्द्र सरकार ने पेट्रोल की बचत के लिए पेट्रोल पंप रात में बंद करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन संसद में विरोधियों के आगे वो इसे पास नहीं करा पाए। अब सांसदों ने पेट्रोल बचाने के लिए अनोखी मुहिम शुरु कर दी है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान दो सांसद अपनी चमचमाती कार की बजाए बैटरी रिक्शा से आए। जेडीयू सांसद जय नारायण निषाद और ब्रह्मदेव आनंद पासवान संसद में बैटरी रिक्शा के साथ दाकिल हुए। हलांकि उन्हें इस रिक्शा के साथ संसद भवन में इंट्री करने नहीं दिया गया। सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोका कि ऐसे वाहनों को संसद भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है। रोके जाने के बाद में वे पैदल संसद के अंदर गए।

जेडीयू सांसद जय नारायण निषाद ने सांसदों को पेट्रोल बचत के लिए कुछ नया करने की सलाह दे रहे है। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपनी गाड़ी के बजाय बैटरी से चलने वाले रिक्शा से संसद आनी चाहिए। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मौजूदा पेट्रोल संकट को देखते हुए संसद परिसर में ऐसे वाहनों के परिचालन की अनुमति दी जाए तो पेट्रोल के वगैर चलते है।
निषाद ने कहा कि वर्तमान ईंधन संकट को देखते हुए मैं सभी सांसदों से संसद आने के दौरान बैटरी चालित रिक्शे का उपयोग करने की अपील करता हूं और ऐसे वाहनों के परिचालन की संसद परिसर में अनुमति दी जानी चाहिए। यह वाहन पर्यावरण अनुकूल है और इससे ईंधन बचाया जा सकेगा।












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