बुद्दिमान बनना है तो गहरी नींद से करें दोस्ती
वाशिंगटन| जब आप सोते हैं, तब वास्तव में आपके मस्तिष्क में कुछ जीन जागृत हो जाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि मस्तिष्क की मरम्मत व मस्तिष्क कोशिकाओं के विकास के लिए ये जीन बहुत महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका में वैज्ञानिकों का मानना है कि पर्याप्त नींद से विशिष्ट मस्तिष्क कोशिकाओं का निर्माण तेज होता है। इन कोशिकाओं को ओलिगोडेंड्रोसाइट्स कहा जाता है, जो मस्तिष्क के चारों ओर सुरक्षात्मक कवच तैयार करती हैं।

स्वस्थ मस्तिष्क में ओलिगोडेंड्रोसाइट्स माइलीन सुरक्षात्मक कवच का निर्माण करती हैं। यह कुछ वैसा ही कवच होता है, जैसा कि बिजली के तारों का रोधक कवच होता है। माइलीन विद्युत संवेगों को त्वरित रूप से एक कोशिका से दूसरी कोशिका में पहुंचने में मदद करता है।
'साइंस डेली' के मुताबिक 'द जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस' के चार सितंबर को जारी अंक में प्रकाशित जानवरों पर हुए एक अध्ययन के अनुसार ये परिणाम मस्तिष्क की मरम्मत व विकास में नींद की भूमिका के संबंध में वैज्ञानिकों को नई जानकारियां इकट्ठी करने में मदद करेंगे।
वैज्ञानिक सालों से यह जानते थे कि जीन सोने के दौरान सक्रिय हो जाते हैं जबकि हमारे जागने के दौरान ये सुप्त अवस्था में चले जाते हैं।
वर्तमान अध्ययन मेडिसन के विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय की काइरा सिर्ली व उनके साथियों ने किया। जिसमें उन्होंने सोते हुए या जगाए रखे गए चूहों में ओलिगोडेंड्रोसाइट्स जीनों की सक्रियता मापी।
अध्ययनकर्ताओं के समूह ने पाया कि नींद के दौरान माइलीन निर्माण से जुड़े जीन सक्रिय हो जाते हैं। इसके विपरीत कोशिका मृत्यु व कोशिकीय तनाव प्रक्रिया की ओर इशारा करने वाले जीन जानवरों के जागने के दौरान जागृत हो जाते हैं।
स्विटजरलैंड के लॉसेन विश्वविद्यालय में निद्रा अध्ययनकर्ता मेहदी ताफ्ती ने कहा, "ये परिणाम इशारा करते हैं कि नींद व अनिद्रा मस्तिष्क की किस तरह मरम्मत करते हैं या उसे नुकसान पहुंचाते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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