राजनाथ बोले दुर्भाग्यपूर्ण थे गुजरात दंगे, मोदी को ब्लेम करना अनुचित
नई दिल्ली। लगातार मुसलमानों के करीब जाने की कोशिश में जुटी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि गुजरा दंगे एक दु:खद घटना थी और उसके लिये गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
राजधानी में मायनॉरिटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस व अन्य पार्टियां देश को धर्म के नाम पर बांटना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि आज हर कोई मानता है कि गुजरात दंगे दुर्भाग्यपूर्ण थे, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि उस दौरान नरेंद्र मोदी को बदनाम करने के लिये कई पार्टियों ने साजिशें रचीं, जो नाकाम रहीं। 2002 में हुए दंगे सांप्रदायिक थे और वह करीब तीन दिनों तक चले और उन्हें रोकने के लिये नरेंद्र मोदी ने रात-दिन एक कर दिये।

राजनाथ ने कहा, "मैं खुद जब मोदी से उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर चर्चा करता हूं, तो उनके चेहरे पर उदासी छा जाती है। उनके चेहरे के हाव भाव से ही पता चल जाता है कि वो अंदर से बहुत दु:खी हैं। मुझे समझ नहीं आता कि लोगों क्या हो गया है। यह सब राजनीति है। जिसे भी इस मामले में जरा भी शंका हो, वह गुजरात जाये और वहां के मुसलमानों से पूछे, क्या उन्हें वहां पराया समझा जाता है। यह तो कांग्रेस पार्टी है, जिसने ब्रिटिश हुकूमत की डिवाइड एंड रूल की नीति को अपनाया है।"
राजनाथ ने यह माना कि भाजपा के मुस्लिम सदस्यों को अपने समाज में जाकर पार्टी के मकसद के बारे में समझाने में खासी दिक्कतें आती हैं, विरोध झेलने पड़ते हैं। यह सब इसलिये क्योंकि आम मुसलमानों को लगता है कि भाजपा उनके खिलाफ है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। भाजपा भारत की जनता की पार्टी है, न कि हिन्दु-मुसलमान की। भाजपा में नेजमा हेप्तुल्ला, मुख्तार अब्बास नकवी और शहनवाज हुसैन तो आज भी पार्टी के हर अहम फैसलों में शामिल होते हैं।












Click it and Unblock the Notifications