अब वक्त आ गया है फूड सिक्योरिटी बिल के साथ इतिहास बनाने का: सोनिया
नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को खाद्य सुरक्षा विधेयक पर बहस शुरू हो गई। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम उठाने का समय है। सोनिया गांधी ने कहा कि मैं इस विधेयक का समर्थन करती हूं। यह ऐतिहासिक कदम उठाने का समय है। सोनिया ने अपने लिखित बयान को पढ़ते हुए कहा कि मेरी सभी से उत्साहपूर्ण अपील है कि इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करें। हम रचनात्मक आलोचना पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन मतभेदों से ऊपर उठकर इसे पारित करें।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक समाज के गरीब तबके के लिए है। भुखमरी को खत्म करने के लिए यह ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह समय बड़ा संदेश देने की है कि भारत सभी लोगों को खाद्य सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी उठा सकता है। सोनिया जब चर्चा में हिस्सा ले रही थीं, उनके बेटे राहुल गांधी सदन में मौजूद थे। उन्होंने पहले हिंदी में भाषण शुरू किया फिर अंग्रेजी में अपनी बातें रखीं।

उन्होंने कहा कि हमने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस विधेयक के बारे में चर्चा की थी। इसके लिए धन जुटाने की बात पर उन्होंने कहा कि यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण योजना है और इसके लिए धन जुटाया ही जाएगा। सोनिया ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में सुधार की जरूरत है। उन्होंने स्वीकार किया कि मध्याह्न भोजन और अंत्योदय योजना भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में खामियां हैं जिसे दूर करने का प्रयास जारी है। सोनिया गांधी ने कहा कि किसान और कृषि क्षेत्र केंद्र सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। उन्होंने सूचना का अधिकार कानून, शिक्षा का अधिकार कानून और वनाधिकार कानून आदि का उल्लेख करते हुए कहा, "हम देश में सशक्तीकरण की क्रांति ला रहे हैं।
इससे पहले विधेयक पर चर्चा और इसे पारित करने का प्रस्ताव पेश करते हुए खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने कहा कि योजना के माध्यम से लाभान्वितों को पोषणयुक्त खाद्यान्न मिलेगा। इसका उद्देश्य देश की 1.2 अरब जनसंख्या के करीब 80 करोड़ लोगों यानी 67 प्रतिशत आबादी को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इस विधेयक से सरकार पर करीब 124,723 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने वाला है।












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