नरेंद्र मोदी ने बताये सोशल मीडिया के सीक्रेट
नई दिल्ली। हम सभी जानते हैं कि सोशल मीडिया में राजनेताओं की बात करें तो नरेंद्र मोदी का नाम सबसे ऊपर आता है। आप कभी-कभी सोचते होंगे कि आखिर ऐसा क्या है, जो मोदी के फॉलोवर्स दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं और वो शीर्ष पर बने हुए हैं। इसके पीछे क्या सीक्रेट हैं, यह आपको आज खुद नरेंद्र मोदी बता रहे हैं न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ इस साक्षात्कार में।
सबसे पहले मोदी से पूछा गया कि आखिर ऐसा क्या है, जो भाजपा और वो खुद एक संगठन के रूप में सोशल मीडिया को अपने प्रचार का हिस्सा बनाये हुए हैं। मोदी का जवाब दिया, "अपने एक भाषण के दौरान मुझे अहसास हुआ कि वर्तमान समय ज्ञान और सूचना का है। कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी ज्ञान और सूचनाओं के प्रति एकाधिकार बर्दाश्त नहीं करेगा। इस डिजिटल एज में आम जनता के साथ दोनों तरफ का संवाद जरूरी है। और मेरे हिसाब से ऐसा हर नेता को करना चाहिये। मैं हाल ही में पुणे में था। वहां के फर्ग्युसन कॉलेज में मैं चकित रह गया, यह देखकर कि युवाओं ने मेरी एक रिक्वेस्ट का अच्छे से जवाब दिया, वो भी सोशल मीडिया के माध्यम से। मुझे खुशी है कि भाजपा एक संगठन के रूप में इसे गंभीरता से ले रही है। और यह सब भारत में बड़ा परिवर्तन लाने में बड़ी भूमिका निभायेगा।"

मोदी से पूछा गया कि सोशल मीडिया की शक्ति का सबसे ज्यादा अहसास उन्हें कब हुआ। मोदी ने जवाब दिया कि मेरे लिये सिर्फ ट्विटर और फेसबुक ही नहीं है। मैंने देखा कि यू-ट्यूब कितना अच्छा माध्यम है अपनी बात को वीडियो के माध्यम से रखना। वॉट्स एप कितना साधारण लेकिन बहुत महत्वपूर्ण साधन है अपनी बात पहुंचाने का। उत्तराखंड आपदा के वक्त जिस तरह से सोशल मीडिया ने सकारात्मक भूमिका निभाई, उसे देखकर मैं दंग रह गया।
मोदी से जब यह पूछा गया कि आपके द्वारा की जाने वाली आलोचनाओं को कई सारी पीआर एजेंसियां सोशल मीडिया पर मैनेज करती हैं। इस पर आप क्या कहेंगे। तो मोदी ने कहा, मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि मेरे द्वारा की जाने वाली आलोचनाएं आम आदमी, भारत के युवाओं के खिलाफ नहीं होतीं। हमें सूचना के माध्यम को समझना होगा। कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वालों को नहीं रोक सकती। हमें इस माध्यम के मूल आधार को समझना होगा। मैं आपको मुंबई के रेस्त्रां का उदाहरण देना चाहूंगा, जो कांग्रेसियों का शिकार हुई। रेस्त्रां की रसीद सोशल मीडिया पर शेयर की गई। देखते ही देखे वह वायरल हो गई और एक अखबार ने उस पर खबर बना दी। मैंने भी उस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर दी, जो कांग्रेस पार्टी के लोगों से बर्दाश्त नहीं हुई।
सोशल मीडिया गाली देने का बड़ा साधन बन गया है। हाल ही में कई बड़ी हस्तियों एवं उनके परिवार वालों को लोगों ने खुलकर गालियां दीं। इस पर आपका क्या सुझाव है? मोदी ने कहा, "हमारी संस्कृति कहती है बड़ों का सम्मान करो, महिलाओं को एक शक्ति की तरह पूजो। मैं कहना चाहूंगा कि जैसे हम अपने विद्यालय, घर या कार्यालय में व्यवहार करते हैं ठीक उसी प्रकार हमें सोशल मीडिया पर करना चाहिये।"
मोदी से एक अहम सवाल किया गया, कि जो लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, उनमें से कितने हैं, जो वाकई में गंभीर हैं और वोट देंगे। मोदी का जवाब था कि मैंने हाल ही में अपने एक भाषण में कहा था कि ऑनलाइन वोटिंग की शुरुआत अब भारत में होनी चाहिये। साथ ही एक विकल्प कैंडिडेट को रिजेक्ट करने का भी होना चाहिये। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देश के युवा भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। यह एक माध्यम है, जिससे युवा लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ रहे हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस प्रकार जुड़ने के बाद हर कोई वोट देने के लिये आगे आयेगा।












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