मोदी-राहुल में से कोई नहीं करेगा देश का भला: अन्ना हजारे
लखनऊ (ब्यूरो)। जनतंत्र यात्रा के लिए बरेली पहुंचे अन्ना हजारे ने कहा कि देश का भला न तो नरेंद्र मोदी कर सकते हैं और न ही राहुल गांधी। अगर आप यह सोच रहे हैं कि अन्ना हजारे अरविंद केजरीवाल को इस मामले में सक्षम मानते हैं, तो आप गलत हैं, क्योंकि अन्ना ने अपनी इस यात्रा के दौरान केजरीवाल से भी आम आदमी पार्टी को भंग कर अपने साथ जुड़ने का न्योता दिया। अन्ना ने कहा कि जब तक जनलोकपाल बिल पारित नहीं हो जाता, तब तक वो चैन से नहीं बैठेंगे।
अन्ना ने अपनी बात की शुरुआत करने से पहले मोदी और भाजपा दोनों को सांप्रदायिक बताया और राष्ट्रपति के भी जनता की ओर से चुने जाने की हिमायत की। अन्ना का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ज्यादातर पार्टियां उन्हें संघ और भाजपा यहां तक की मोदी का एजेंट बताती हैं। रामदेव के करीबी होने और रामदेव के मोदी के पक्ष में खुलकर आने के बाद से भी अन्ना पर यह आरोप और संगीन हो गए थे। जिसका अन्ना ने आज जवाब दिया।

अन्ना हजारे ने एक सवाल के जवाब में खुद के मारे जाने की सुपारी देने की बात भी गुरुवार को दोहराई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ उन्होंने अनशन किया था। जिस पर वहां के छह मंत्री हटाए गए थे। इन्हीं मंत्रियों में से एक ने उन्हें मरवाने के लिए 35 लाख रुपये की सुपारी दी, लेकिन मारने वाले ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। बरेली में पत्रकारों उन्होंने लोगों से अपील की कि वह किसी भी पार्टी से जुड़े व्यक्ति को वोट न दें। बरेली में बारिश के चलते बभिया गांव जाने के पूर्व निर्धारित को छोड़ कर अन्ना बदायूं निकल गए। देखा जाये तो अन्ना की उत्तर प्रदेश यात्रा मोदी पर ही फोकस रही। आखिर हो भी क्यों न मीडिया बार-बार मोदी से जोड़कर सवाल जो पूछ रही है।












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