शादी के लिए सीएम शिवराज सिंह ने कराया 400 लड़कियों का वर्जिनिटी टेस्ट
भोपाल। एक ओर जहां पूरे देश में महिलाओं की स्थिति को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी योजना के तहत महिलाओं का अपमान किया है। मध्य प्रदेश के बैतूल में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह के दौरान लड़कियों की वर्जिनिटी टेस्ट कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इतना ही नहीं सामूहिक शादी में शामिल होने वली 400 लड़कियों की गर्भवती टेस्ट कराया और आठ दुल्हनों के गर्भवती पाए जाने के बाद उनकी शादी पर रोक लगा दी।
राजधानी भोपाल से करीब 225 किमी दूर बैतूल जिले के चिचोली ब्लॉक के हरदू गांव में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 400 जोड़े शामिल हुए थे। इस योजना के तहत गरीब आदिवासी लड़कियों की शादी सरकारी खर्च पर करई जाती है।

सामूहिक विवाह में शामिल लड़कियों का यहां के अधिकारियों ने गर्भवती टेस्ट कराया। अधिकारियों ने लड़कियों का वर्जिनिटी टेस्ट कराया। इनमें से कम से कम आठ लड़कियों का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद इनकी शादी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया और दहेज में दिया गया सारा सामान वापस ले लिया गया।
वहीं इलाके के डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए है। गौरतलब है कि चार साल पहले भी इसी तरह की घटना घटी थी। जिसके बाद राज्य सरकार ने नियमों को और कड़ा कर दिया था और पंचायत व ब्लॉक अधिकारियों को सामूहिक विवाह के लिए आवेदनकर्ताओं की कड़ाई से जांच करने का आदेश दिया गया था। वहीं इस मामले का खालासा होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने आदिवासी समुदाय से माफी मांगी है।












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