जानिए क्या है रियल एस्टेट बिल 2015, पूर्ण विवरण

नई दिल्ली। राज्यसभा ने 10 मार्च 2016 को रियल एस्टेट बिल 2015 पारित कर दिया। यह वो बिल है, जिसे जून 2013 में कैबिनेट ने पास किया था। उसके बाद मोदी सरकार ने विधेयक में संशोधन किये और दिसंबर 2015 में इसे कैबिनेट की मंजूरी मिली। और फिर लोकसभा के बाद अंतत: यह बिल राज्यसभा में पास हो गया।

Real Estate Bill 2015- इस विधेयक के बारे में पूर्ण विरण आप पढ़ सकते हैं। इसमें उन बिल्डरों पर नकेल कसने के कानून बनाये गये हैं, जो नियमों को दरकिनार कर इमारतें खड़ी कर देते हैं। ब्रॉशर में कुछ लिखते हैं, प्लान कुछ और पास होता है और निर्माण किसी अन्य प्लान का करते हैं। आप यहीं पर क्लिक करके इस विधेयक के बारे में पढ़ सकते हैं

जून 2013 की खबर-

कैबिनेट ने रियल एस्टेट बिल को मंजूरी दे दी है। इस बिल के पास हो जाने के बाद से अब कोई भी बिल्डर्स अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। केन्द्रीय कैबिनेट से रियल एस्टेट बिल को हरी झंडी मिलने के बाद अब बिल्डर्स पर लगाम लग सकेगा।

कैबिनेट सूत्रों के अनुसार कैबिनेट ने रियल एस्टेट रेग्युलेटर के गठन को मंज़ूरी दे दी है। इससे बिल्डरों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। कल प्रधानमंत्री आवास पर केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें रियल एस्टेट बिल को मंजूरी दी गई है।

रियल स्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार एक विधेयक लाने पर विचार कर रही है। पीएम आवास पर हुई इस बैठक में रियल स्टेट डेवलपमेंट एण्ड रेगुलेशन बिल पर चर्चा हुई, जिसके बाद बिल को मंजूरी भी मिल गई।

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