छत्तीसगढ़ में कांग्रेस काफिले पर हमले के पीछे '3G' का हाथ
सुकमा। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के परिवर्तन रैली पर हुआ सबसे बड़ा नक्सली हमला 3G (थ्री जी) की साजिश थी। 3G ने पहले ही साजिश रच ली थी कि इस हमले में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को जान से मार देना है और कुछ को अगवा कर ले आना है ताकि सरकार को झुकने पर विवश किया जा सके। चौकिए नहीं यहां 3G का मतलब है उन तीन लोगों के नाम से जो इस हमले के मास्टर माइंड थे और तीनों का नाम अंग्रेजी के G अक्षर से शुरु होता है। जी हां 3G यानी गणपति, गुडसा और गगन्ना।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दंडकारण्य जोन का कमांडर रामचंद्र रेड्डी उर्फ गुडसा ने ही हमले का प्लान बनाया था। गुडसा के कहने पर नक्सलियों के जोनल कमांडर पंकज उर्फ गगन्ना ने अपनी टीम के साथ हमले को अंजाम दिया। मालूम हो कि गुडसा और गगन्ना आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और इसी हमले के लिये छत्तीसगढ़ के सुकमा में आये थे। खास बात ये है कि नक्सलियों की जिस टीम ने नेताओं को निशाना बनाया उनकी उम्र 20 साल से लेकर 25 साल तक थी और उनमें आधे से ज्यादा महिलाएं थीं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में शनिवार को हुए नक्सली हमले को देश पर हमला करार देते हुए उन्होंने कहा कि हम हमले में जख्मी हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि एनआईए का दल मामले की जांच के लिए सोमवार को छत्तीसगढ़ रवाना हो रही है। मालूम हो कि नक्सलियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला कर कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल तथा पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों को मार डाला था और वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ला समेत 32 अन्यों को घायल कर दिया था।












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