यूपीए के नौ साल, नाकामियों को उपलब्धियां बताने का मौका
नई दिल्ली। यह यूपीए के लिए वाकई खुशी की बात है कि सरकार ने एक के बाद एक घोटाले के बाद भी अपने नौ साल पूरे कर लिये हैं। आज ही के दिन 2004 में मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी जनता के सामने अपना सकारात्मक रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी, वहीं यूपीए के घटक दलों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।
इस मौके पर पेश किया जाने वाला रिपोर्ट कार्ड आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों का भी एक नमूना होगा कि किन मुद्दो को लेकर यूपीए जनता के बीच जायेगी। अगर यूपीए के पहले शासन काल को देखा जाए तो यह दूसरे से बेहतर था जिसके कारण ही यूपीए को एक और मौका मिला, पर यूपीए टू के दौरान सामने आये घोटालों ने सरकार के भ्रष्टाचार को जगजाहिर कर दिया। इस दौरान जनता के सामने टू जी घोटाला, कॉमनवेल्थ घोटाला, कोयला घोटाला, वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला और हालिया रेलवे घूसकांड सामने आया। जिसको आधार बनाकर विपक्ष ने प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगा और संसद सत्र का बहिष्कार किया, लेकिन सरकार ने कानून मंत्री और रेल मंत्री का इस्तीफा लेकर अपने कार्य को पूरा मान लिया।

गौरतलब है कानून मंत्री ने कोयला घोटाले में हुई धांधली के संबंध्ा में सीबीआई द्वारा पेश की गई रिपोर्ट को बदलवाया। ऐसे में विपक्ष ने सवाल उठाये थे कि आखिर कानून मंत्री ने किसके कहने पर ऐसा किया और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का इस्तीफा मांगा। इसके अलावा कभी अर्थव्यवस्था की तेजी को लेकर अपनी पीठ ठोंकने वाली यूपीए के शासन काल में ही भारत को मंदी से अब तक निजात नहीं मिल सकी है।
संभावना जताई जा रही है कि यूपीए इस मौके पर मनरेगा, रिटेल में एफडीआई, मु्फ्त शिक्षा का अधिकार, भूमि अधिग्रहण बिल और लोकपाल बिल के मुद्दे पर जनता को बरगलाने की कोशिश करेगी। इन्हीं बातों के आधार पर ही कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिशों में लगी हुई है।












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