दिल्ली हाईकोर्ट: मलिक पर देशद्रोह का आरोप तय

गौरतलब है कि कि वसीम अकरम के खिलाफ देश के खिलाफ अपराध की साजिश के लिए आईपीसी की धारा 121 और सरकार के खिलाफ युद्ध छेडऩे पर आईपीसी की धारा 122 समेत कई आरोप तय किए गए। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (एनआइए) की उस मांग को खारिज कर दिया था, जिसमें मलिक पर देशद्रोह के तहत मामला चलाने की माग की गई थी। एनआइए ने अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसे उच्च न्यायालय ने स्वीकार कर लिया था। गौरतलब है कि इस आरोप के तहत मलिक को फांसी तक की सजा हो सकती है।
सितंबर 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट ब्लास्ट में भूमिका निभाने वाले वसीम अकरम मलिक पर कई आरोप तय कर दिए गए। इसके तहत दोष सिद्ध होने पर मौत की सजा तक मिल सकती है। ट्रायल कोर्ट ने पिछले साल एक अक्टूबर को मलिक पर आईपीसी की धाराओं के तहत हत्या और कोर्ट के रिसेप्शन में आतंकी हमला कर 15 लोगों को मारने और 79 लोगों को जख्मी करने के आरोप में विस्फोटक कानून के तहत आरोप तय किए थे।












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