दुनिया ने फेंके पत्‍थर तो सीढ़ियां बनाते गये नरेंद्र मोदी

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में कहा, "जब लोग मेरे ऊपर पत्‍थर उछालते हैं, तो मैं उनका जवाब नहीं देता, बल्कि उन पत्‍थरों की सीढ़ियां बनाता हूं और आगे बढ़ जाता हूं।" असल में मोदी ने यह बात एक बार नहीं बल्कि कई बार कही है। सच पूछिए तो पिछले 11 वर्षों से वो इस पर अमल भी करते आ रहे हैं। महात्‍मा गांधी के मॉडल से निकली इस बात पर मोदी हमेशा से अमल करते आये हैं।

अगर आप सोच में पड़ गये हैं, तो आइये हम आपको बताते हैं कैसे। असल में गुजरात दंगों के वक्‍त जब मोदी पर मीडिया ने कीचड़ उछाला तो मोदी ने किसी को भी पलट कर जवाब नहीं दिया। कई बार तो चैनल हद से आगे गुजर गये, लेकिन मोदी ने अपने उसूलों की हद नहीं तोड़ी। क्‍योंकि उन्‍हें पता था कि एक दिन गुजरात को जब वो नई ऊंचाईयों पर ले जायेंगे, तब सब के मुंह अपने-आप बंद हो जायेंगे।

सोशल मीडिया पर कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब लोग मोदी के खिलाफ गालियां नहीं लिखते हों, लेकिन उन्‍होंने आज तक ट्विटर या फेसबुक पर एक भी आईडी को ब्‍लॉक नहीं किया। वो उनकी भावनाओं को समझते हैं और उन्‍हीं को आधार बनाकर यह सोचते हैं कि अब कैसे अपने गुजरात को विकास के पथ पर आगे ले जाऊं। ऐसे तीन प्रत्‍यक्ष उदाहरण भी हैं, जहां मोदी के खिलाफ खुले तौर पर बात करने वाले आगे आये। लेकिन क्‍या आपको मालूम है तब क्‍या हुआ?

पहला मामला है 2002 का, जब मोदी को मुख्‍यमंत्री बने एक साल ही हुआ था। मुंबई के रज्‍जाक नासिर कासिम ने मोदी को एक ई-मेल लिखा और जान से मारने कीधमकी दी। प्रशासन ने त्‍वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। 30 वर्षीय कासित की नौकरी चली गई, और उस पर 5 साल की जेल या एक लाख रुपए जुर्माना का केस लगाया गया, लेकिन जब यह बात मोदी को पता चली तो उन्‍होंने तुरंत केस वापस लेने के आदेश दिये। उन्‍होंने कहा कि इस बच्‍चे का करियर खराब हो जायेगा। ऐसा मत करो और उसका रिकार्ड भी साफ सुथरा है। उन्‍होंने उस कंपनी से दरख्‍वास्‍त की कि वो कासिम को नौकरी पर वापस लें। 15 दिन बाद कासिम को बात समझ में आ गई और उसने अपनी गलती की माफी मांगी।

एक और मामला 2006 का है, जब उमर फारुख सिद्दीकी को दिल्‍ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसने गुजरात के मुख्‍यमंत्री को गालीगलौज से भरा ईमेल भेजा था। इस मामले के बारे में जब मोदी को पता चला तो उन्‍होंने खुद दिल्‍ली पुलिस से कहा कि उसे माफ कर दीजिये, नहीं तो उसका करियर खराब हो जायेगा।

जरा सोचिये, अगर आज कोई युवक सोनिया गांधी, राहुल या कविल सिब्‍बल को ऐसा मेल भेज दे तो क्‍या हो? उसे धारा 66ए के अंतर्गत तुरंत जेल भेज दिया जायेगा और मानसिक प्रताड़ना अलग से दी जायेगी। कुल मिलाकर देखा जाये तो मोदी और कांग्रेसी नेताओं में यही फर्क है, जिससे अभी भी तमाम लोग अंजान हैं।

(यह लेख किशोर त्रिवेदी के अंग्रेजी में लेख का हिन्‍दी में सार है।)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+